जरौली में गुरुवार देर रात एक युवक की छत पर नवजात पड़ा मिला, जिसे सर्दी में खुली छत पर झोले में भरकर फेंका गया था। हालांकि उसके रोने की आवाज सुनकर युवक अपनी छत पर गया, तो बच्चे को देखकर उनके होश उड़ गए। उसे नीचे लाकर पुलिस को सूचना दी। इस बीच उसकी जान बचाने के लिए उसे अंगीठी से गर्माहट दी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इंसानियत को झकझोर देने वाला यह मामला बर्रा थाना क्षेत्र की जरौली फेज वन की मायावती कॉलोनी में सामने आया, जहां एक नवजात शिशु को किसी निर्दयी ने बबलू भदौरिया के मकान की छत पर लावारिस हालत में छोड़ दिया। छत से आती मासूम की कमजोर रोने की आवाज सुनी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ऊपर जाकर देखा तो नवजात शिशु ठंड और असहाय अवस्था में झोले में पड़ा रो रहा था। उसे नीचे लाने के बाद आसपास के संवेदनशील नागरिकों अमिता सिंह, निशा किरण और संदीप ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बिना देर किए शिशु को साई राम हॉस्पिटल, विवेकानंद नगर में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से नन्ही जान बच सकी। इलाज के बाद शिशु को अस्थायी रूप से उसकी देखभाल हेतु बबलू भदौरिया को सुपुर्द किया गया। वहीं, बच्चे को किसने फेंका इसके बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है।


