डीडवाना में मारवाड़ के किसान केसरी स्वर्गीय बलदेवराम मिर्धा की 137वीं जयंती शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित किसान विश्राम गृह में मनाई गई। इस अवसर पर जाट समाज और किसान वर्ग के लोगों ने मिर्धा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंती समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अंगद मिर्धा, पूर्व विधायक भंवराराम सुपका, पूर्व आरपीएस आईदानराम रेवाड़, पूर्व प्रधान व जिला परिषद सदस्य जालाराम भाकर और डॉ. सोहन चौधरी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। इस अवसर पर एक निशुल्क नेत्र चिकित्सा जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों मरीजों की आंखों की जांच कर परामर्श दिया गया। शिविर में ईसीजी, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच भी नि:शुल्क की गई, जिससे आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिला।
मुख्य मेहमान अंगद मिर्धा ने अपने संबोधन में स्वर्गीय बलदेवराम मिर्धा को किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग का सच्चा मसीहा बताया। उन्होंने कहा कि मिर्धा ने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और सामंतवाद के खिलाफ आवाज उठाई। उनके प्रयासों से किसानों को अपनी जमीनों का अधिकार मिला और समाज को नई दिशा मिली। अंगद मिर्धा ने उन्हें मारवाड़ अंचल में किसान क्रांति का अग्रदूत भी कहा।
जिला कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत ने युवाओं से स्वर्गीय बलदेवराम मिर्धा के आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। डॉ. सोहन चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय मिर्धा द्वारा किसानों को जागृत करने के लिए प्रज्ज्वलित की गई चेतना आज भी समाज में शिक्षा और विकास के रूप में दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि डीडवाना में प्रतिवर्ष निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर उन्हीं की सोच का परिणाम हैं, जिनसे सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों को फायदा मिलता है।


