बलरामपुर में जिला पंचायत बैठक का बहिष्कार:अधिकारी नहीं पहुंचे, जनप्रतिनिधियों ने लगाया मनमानी का आरोप, कलेक्टर को सौंपा आवेदन

छत्तीसगढ़ के जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज में शुक्रवार को आयोजित सामान्य सभा की बैठक अधिकारियों की लापरवाही के कारण विवादों में घिर गई। निर्धारित समय पर अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने से नाराज जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। यह बैठक 28 नवंबर, 2025 को दोपहर 2 बजे आयोजित की गई थी। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। जनप्रतिनिधियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत में स्थायी समितियों का गठन काफी समय पहले हो चुका है, लेकिन इन समितियों के सचिवों द्वारा अब तक केवल एक ही बैठक आयोजित की गई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर लगाया मनमानी का आरोप उनका आरोप है कि उन्हें किसी भी नए कार्य या योजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे पंचायत क्षेत्र में विकास से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकारी मनमानी करते हुए उन्हें विश्वास में लिए बिना निर्णय लेते हैं, जो पंचायती राज की मूल भावना के विपरीत है। जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा इन सभी मुद्दों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने बलरामपुर कलेक्टर को एक संयुक्त आवेदन सौंपा है। आवेदन में मांग की गई है कि संबंधित स्थायी समितियों के अधिकृत सचिवों को उनके दायित्वों के निर्वहन के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। साथ ही, नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में पारदर्शिता बनी रहे। इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में जिला पंचायत के सदस्य मुन्शी राम, बद्री यादव, रविप्रताप मरावी, राम प्रताप सिंह, अनार सिंह, संगीता नाग, गीता पैकरा, अनिता मरकाम, साधना यादव, बैला कुश्वाहा, विनय भगत (जनपद अध्यक्ष, राजपुर) और चिन्तामणी भगत (जनपद अध्यक्ष, शंकरगढ़) शामिल हैं। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर द्वारा शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, जिससे अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगेगी और जिला पंचायत की बैठकों एवं प्रक्रियाओं को समयबद्ध व प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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