बलरामपुर में नीलगाय का शिकार करने वाले 4 गिरफ्तार:जंगल में घेरकर नीलगाय को मारा, मांस बेचने के लिए रखा था आरोपियों ने

बलरामपुर जिले के धमनी वन परिक्षेत्र में ग्रामीणों ने नीलगाय को घेरकर उसका शिकार किया और मांस का आपस में बंटवारा कर लिया। ग्रामीणों ने 20 किलो मांस बेचने के लिए रखा हुआ था। इसकी सूचना पर वन अमले ने चार ग्रामीणों को नीलगाय के मांस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपी फरार हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को कोर्ट से जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 13 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे धमनी रेंज के ग्राम टाटी आथर में ग्रामीणों द्वारा नीलगाय का शिकार कर उसका मांस बेचने की सूचना वनविभाग के अधिकारियों को मिली। सूचना पर वनविभाग के अमले ने मौके पर पहुंच कर चार ग्रामीणों को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से नीलगाय का 20 किलो मांस बरामद किया गया है। ग्रामीणों ने नीलगाय का शिकार कर मांस का बंटवारा किया था और कुछ मांस बेचने के लिए रखा था। घेरकर डंडे व टांगी से नीलगाय को मारा
रेंजर अजय कुमार वर्मा ने बताया कि पकड़े गए ग्रामीणों में रामलखन गोड़ (45) निवासी टाटीआथर, बंधन पण्डो (45) निवासी टाटीआथर, मोतीलाल रवि (41) निवासी सलवाही और सुरेश रवि (36) निवासी सलवाही शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अन्य ग्रामीणों के साथ कुर्लीडीह के पवारी खोचा नामक स्थान पर नीलगाय का शिकार किया था। नीलगाय को घेरकर चारों ने डंडे एवं टांगी से उसे मार डाला एवं काटकर मांस का बंटवारा कर लिया। आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 50, 51, 52, 39 के तहत कार्रवाई कर उन्हें सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जब्त मांस को पशु चिकित्सक की उपस्थिति में जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर भेजा गया है। मौके से नीलगाय के मांस के शेष अवशेष भी बरामद किए गए हैं।

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