बलरामपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में कथित जनविरोधी बदलावों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मनरेगा को उसके मूल अधिकार आधारित स्वरूप में बनाए रखने की मांग की गई। जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। ग्रामी के रोजगार अधिकार पर पड़ा असर – कांग्रेस ज्ञापन में कहा गया है कि मनरेगा भारतीय लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कानून है। इसने ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों को सम्मानजनक रोजगार का कानूनी अधिकार प्रदान किया है। कांग्रेस के अनुसार, यह अधिनियम ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल अधिकार आधारित स्वरूप में लगातार ऐसे परिवर्तन कर रही है, जिससे कानून की मूल भावना कमजोर हो रही है। उनका कहना है कि मनरेगा को संवैधानिक अधिकार के बजाय एक सीमित प्रशासनिक योजना के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसका सीधा प्रभाव ग्रामीण श्रमिकों के रोजगार अधिकार पर पड़ रहा है। मूल अधिकार बनाए रखने की मांग ज्ञापन में मजदूरी भुगतान में अनिश्चितता, कार्य आवंटन में देरी, पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकारों में कटौती, ठेकेदारी व्यवस्था को अप्रत्यक्ष बढ़ावा देने तथा राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसी नीतियों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई। कांग्रेस का तर्क है कि इन बदलावों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ रही है, मजदूरों का पलायन हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि मनरेगा को उसके मूल अधिकार आधारित स्वरूप में बनाए रखा जाए। साथ ही, पंचायतों और ग्राम सभाओं को योजना निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी के पूर्ण अधिकार दिए जाएं। बढ़ती महंगाई को देखते हुए मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की भी मांग की गई। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।


