बलौदा बाजार जिले में अवैध रेत परिवहन का मामला सामने आया है। रेत माफिया और सीमेंट कंपनियों के ठेकेदार मिलकर बिना रॉयल्टी के सैकड़ों हाइवा में रेत की तस्करी कर रहे हैं।कसडोल विधायक संदीप साहू ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। रायपुर जिले के चिखली, कुरूद, कुटेला, मुहमेला, हरदीडीह और कांकडीह घाटों से रेत लाई जा रही है। इस कारोबार में शामिल लोगों ने सिंडिकेट बना लिया है। वे रेत के दाम डबल कर बेच रहे हैं। अवैध रेत का प्रमुख मार्ग आरंग, गिधपुरी और घोटिया है। यहां से पलारी, सुहेला, बलौदा, सिमगा, भाटापारा और तिल्दा में रेत पहुंचाई जा रही है। बलौदा बाजार में चेन माउंटेन मशीन और हाइवा से रेत परिवहन प्रतिबंधित है। फिर भी, सैकड़ों हाइवा रोजाना बिना रोक-टोक के आवाजाही कर रहे हैं। जिला प्रशासन के रोक के बावजूद खनन जारी विधायक संदीप ने बताया कि कलेक्टर ने महानदी में मशीन से रेत खनन और हाइवा से परिवहन पर रोक लगाई है। लेकिन रायपुर के आरंग ब्लॉक से बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है। विधायक का आरोप है कि माफिया समूह यह कारोबार चला रहे हैं और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खनन परिवहन पर रोक लगाने की मांग विधायक ने कलेक्टर दीपक सोनी से मांग की है कि जिले में जगह-जगह नाके लगाकर अवैध रेत के परिवहन पर रोक लगाई जाए, खासकर कसडोल विधानसभा क्षेत्र में, जहां से सबसे ज्यादा तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि रेत माफियाओं ने शासन के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। खनिज विभाग क्यों मौन है – विधायक संदीप साहू विधायक ने कहा कि अवैध रेत परिवहन के दौरान हर हाइवा से पानी सड़कों पर बहता है, जबकि गीली रेत का खनन और परिवहन सख्त वर्जित है। इसके बावजूद, यह सब अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन खनिज विभाग इस मामले में पूरी तरह मौन है। डबल दरों पर बेच रहे रेत सीमावर्ती जिले रायपुर के आरंग ब्लॉक से रेत घाट चिखली, काकडीह, मुंहमेला, हरदीडीह ,कुरूद , कुटेला घाट से निकाली जा रही अवैध रेत को जिले में डबल दरों पर बेचा जा रहा है। रेत माफिया नियमों को ताक पर रखकर रेत खनन कर रहा है और इसका पूरा फायदा उठा रहा है।


