बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी कार्य को पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर विभिन्न उपार्जन केंद्रों का सघन निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को एसडीएम और नायब तहसीलदार की एक टीम ने सोनाखान तहसील के रिकोकला और थारगांव स्थित धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक दौरा किया। निरीक्षण में स्टॉक और रिकॉर्ड सही पाए गए निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर धान के भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड का भी मिलान किया, जो पूरी तरह सही पाया गया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को तौल में कोई अनियमितता न हो, बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता हो और किसानों के लिए सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। इसका लक्ष्य वास्तविक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाना है। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदी अवधि के दौरान प्रशासनिक टीमें लगातार मुस्तैद रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बलौदाबाजार में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित इसी दिन जिले की 519 ग्राम पंचायतों में “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025” पर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गई। इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब वर्ष में 125 दिन का गारंटीड रोजगार मिलेगा, जो पूर्ववर्ती मनरेगा योजना की जगह लेगा। सभा में ग्रामीणों को जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, वनीकरण और पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार जैसे कार्यों के महत्व से अवगत कराया गया। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल ने बताया कि इस अधिनियम में मजदूरी भुगतान की गारंटी और तय समय सीमा में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता जैसी प्रावधान शामिल हैं। डिजिटलीकरण और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कार्यक्रम की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य जिले के ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनके लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।


