बसंत पंचमी मेला 3 को, ​​​​​​​तिलकहरुओं का देवघर आना शुरू:बाबा बैद्यनाथ का करेंगे तिलक, श्रद्धालु एक दूसरे को लगाएंगे रंग-गुलाल

तीन फरवरी को बसंत पंचमी मेला को लेकर बाबा नगरी में बाबा के तिलकहरुओं का आना शुरू हो गया है। बिहार के मिथिलांचल के श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के तिलक के लिए पहुंचने लगे हैं। बसंत पंचमी मेला बाबा धाम का सबसे प्राचीन मेला माना जाता है। इस मेले में मिथिलांचल के श्रद्धालु पारंपरिक कांवर लेकर सुल्तानगंज से बाबा धाम पहुंचते हैं और बसंत पंचमी के दिन बाबा का तिलक करते हैं। बसंत पंचमी से होली की शुरुआत मिथिलांचल वासी अपने आप को माता पार्वती का भाई मानते हैं। बाबा का तिलक करने के बाद एक दूसरे को अबीर लगाकर होली खेलते हैं और इसी दिन से मिथिलांचल में होली की शुरुआत हो जाती है। बसंत पंचमी मेला सबसे प्राचीन होने के बाद भी आज भी इसमें पौराणिक परंपरा की झलक नजर आती है। इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का डेरा खुले आसमान के नीचे रहता है। बाबा के तिलक के बाद यहां से प्रस्थान करते हैं श्रद्धालु बसंत पंचमी से तीन-चार दिन पूर्व श्रद्धालु पौराणिक कांवर लेकर बाबा धाम पहुंचते हैं और शहर के खाली मैदान में खुले आसमान के नीचे अपना डेरा जमाते हैं और तीन से चार दिन तक यहां इनका डेरा रहता। ये श्रद्धालु बसंत पंचमी के दिन बाबा के तिलक के बाद यहां से प्रस्थान करते हैं। मेला आने वाले तीन से चार दिन लगातार भजन कीर्तन करते हुए बसंत पंचमी के दिन बाबा का तिलक करते हैं। बाबा सीताराम के भजन चारों सुनाई पड़ने लगे हैं। बाबा नगरी में मिथिला का रंग चढ़ने लगा है। शहर के सभी सरकारी स्कूल और खुले मैदाने में तिलकहरुओं का डेरा जमने लगा है। भोले बाबा और मां पार्वती का विवाह 26 फरवरी को, तैयारी शुरू
तीन फरवरी को बाबा भोलेनाथ के तिलकोत्सव के बाद उनका मां पार्वती के साथ विवाह 26 फरवरी को होगा। मौके पर बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की जाएगी। इस अवसर पर बाबा को अबीर-गुलाल चढ़ाया जाएगा। उन्हें मालपुआ का विशेष भोग लगाया जाएगा। साथ ही बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती को फाल्गुन पूर्णिमा तक अबीर गुलाल चढ़ाया जाएगा। शाम लगभग साढे छह बजे तिलकोत्सव पूजा शुरू होगी। इस अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रांगण में आचार्य श्रीनाथ पंडित, पुजारी व मंदिर उपचारक की उपस्थिति में पंचोपचार विधि से पूजा की जाएगी। इसमें बाबा व मां पार्वति के निमित्त आम्र मंजर, अबीर, पान, पंचमेवा, फल आदि चढ़ाया जायेगा और तिलक की रस्म पूरी की जाएगी। मेले को लेकर देवघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इधर, बसंत पंचमी मेले को लेकर देवघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में बाबा बैद्यनाथ के सुलभ जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के निमित्त कई इंतजाम किए गए हैं। देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि यहां बसंत पंचमी मेला 3 फरवरी को होगा। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर समेत अन्य 21 मंदिरों की साफ-सफाई से लेकर टूटे स्लैब और फर्श की मरम्मत की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बीएड कॉलेज तक बैरिकेडिंग की गई है, जिसमें श्रद्धालु कतारबद्ध हो सकेंगे। कांवरिए सिंगल लाइन में जलार्पण कर सकेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *