बसदेई चौक पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई:सूरजपुर में सड़क किनारे बने 21 अवैध निर्माण ध्वस्त, लोगों ने सामान बचाया

सूरजपुर के भैयाथान मार्ग स्थित बसदेई चौक पर जिला प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। प्रशासन ने सड़क मार्ग की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की। सुबह 11:30 बजे तीन जेसीबी मशीनों के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क किनारे बने 21 अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इन निर्माणों में घर और दुकानें शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों में अफरा-तफरी का माहौल था। लोग जल्दबाजी में अपना सामान बचाने में लगे रहे। कई परिवारों के वर्षों पुराने घर और रोजी-रोटी के साधन इस कार्रवाई में समाप्त हो गए। प्रशासन की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नोटिस के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण
जिला प्रशासन के अनुसार, बसदेई चौक पर सड़क मद की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक महीने पहले नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद बीते दिन एक और नोटिस देकर अतिक्रमणकारियों को जमीन खाली करने के लिए अंतिम चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके, कई दुकानदारों और परिवारों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन, प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। जेसीबी की गड़गड़ाहट के बीच मची अफरा-तफरी आज जैसे ही जिला प्रशासन, पुलिस बल, एसडीएम सूरजपुर, तहसीलदार और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बसदेई चौक पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई। करीब तीन जेसीबी मशीनों की गड़गड़ाहट के बीच प्रभावित परिवार अपने सामान को बचाने के लिए भागदौड़ करते नजर आए। करीब आधा दर्जन दुकानें भी इस कार्रवाई की जद में आई, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित दुकानदारों का कहना था कि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन यही दुकानें थी, और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद
कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसडीएम सूरजपुर, तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस ने किसी भी तरह के उपद्रव को रोकने के लिए सख्ती बरती और पूरे क्षेत्र में मुस्तैदी से नजर रखी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रभावित परिवारों का दर्द, प्रशासन का तर्क
कार्रवाई के दौरान कई प्रभावित परिवारों की आंखें नम थीं। एक प्रभावित दुकानदार ने बताया, “हमारी दुकान ही हमारी रोजी-रोटी का सहारा थी। अब हम कहां जाएंगे…?” वहीं, एक अन्य परिवार ने कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे थे और अचानक बेघर होने का दर्द असहनीय है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सड़क पर जाम और यातायात की समस्या बढ़ रही थी, जिसके चलते यह कार्रवाई जरूरी थी।

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