अश्विनी/आरिफ|गुमला बसिया प्रखंड में पीएम आवास योजना का गरीबों को लाभ देने में बड़ी गड़बड़ी व फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। यहां जॉब कार्ड किसी का और लाभ किसी और को दे दिया गया है। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि एक ही पंचायत से दस से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारी अब इस मामले की जांच के बाद आगे कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। फर्जीवाड़े के तह तक पहुंचने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कलिगा पंचायत पहुंची। जहां पीएम आवास के लिए आवेदन करने वाली महिला व पुरुष ने कहा कि उन्हें वर्षों से पीएम आवास का इंतजार है। जब भी वे आवास को लेकर पंचायत या ब्लॉक कार्यालय जाते हैं तो उन्हें आवास का लाभ पहले ही मिल जाने की जानकारी देकर वापस लौटा दिया जाता था। मगर उन्हें आजतक किसी भी प्रकार का आवास का लाभ नहीं मिला है, लेकिन अब हकीकत सामने आई है। अधिकारी व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मिलीभगत से उनके मनरेगा जॉब कार्ड नंबर से किसी दूसरे लोगों को आवास का लाभ दे दिया गया है। बकायदा इन्हें राशि जारी हो गई और इनका मकान भी बन गया है। मगर उनके जॉब कार्ड से किन्हें आवास का लाभ दिया गया है। यह जानकारी मांगे जाने पर उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी नही दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले की सूक्ष्मता से जांच की जाय तो सिर्फ उनके ही पंचायत नहीं बल्कि पूरे प्रखंड से बड़ी गड़बड़ी व फर्जीवाड़ा निकलकर सामने आएगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उनके नाम को आवास प्लस के तहत भी सूचीबद्ध किया गया गया है। मगर उनका नाम व जॉब कार्ड संख्या इंट्री करते ही यहां भी उनके आवेदन को अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। इनके साथ हुई है आवास की गड़बड़ी कलिगा पंचायत के जोसेफ बेक पिता स्व चरलेश बेक ने बताया कि उनका जॉब कार्ड संख्या 177 है। मगर उन्हें आवेदन किये जाने के बावजूद अब तक आवास का लाभ नही मिला। उनके जॉब कार्ड संख्या से किसी और को आवास का लाभ दे दिया गया है। इसी प्रकार कुंवारी बेक पति जोहन बेक जॉब कार्ड संख्या 211, निर्मला मिंज पति छोटन मिंज जॉब कार्ड संख्या 420, जुलयानुस बेक पति इमिल बेक जॉब कार्ड संख्या 202, यशोदा देवी पति महेश्वर साहू जॉब कार्ड संख्या 17, मुनियामति कुल्लू पति चंदन कुल्लू जॉब कार्ड संख्या 158, उपेंद्र महतो पिता स्व लहन महतो जॉब कार्ड संख्या 364, लक्ष्मी कुल्लू पति कलेश्वर महतो जॉब कार्ड संख्या 459, अंजनी मिंज पिता रोमानुस मिंज जॉब कार्ड संख्या 503 व सुमन तिर्की पति अलेक्जेंडर तिर्की जॉब कार्ड संख्या 626 शामिल है। जिनके जॉब कार्ड पर किसी अन्य को आवास का लाभ दे दिया गया है। आवास में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा के जांच की मांग इधर आवास में गड़बड़ी व फर्जीवाड़ा को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने डीसी को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। कहा है कि बसिया प्रखण्ड के ग्राम पंचायत कलिगा में गरीब, असहाय व्यक्तियों के कागजात पर दूसरे व्यक्तियों को आवास का लाभ देकर आवास निर्माण किया गया है। आवास प्लस के तहत भी इनका आवास सूचीबद्ध है। परन्तु कंप्यूटर में इंट्री करने पर लाभुकों का नाम अस्वीकृत हो रहा है। जो काफी गंभीर मामला है। इसे जांच कराते हुए कार्रवाई की जाय।


