बस्तर में कश्यप परिवार की JCB से अवैध रेत उत्खनन:कांग्रेस के पूर्व विधायक ने पकड़ी गाड़ियां, कहा-मंत्री केदार की भाभी के नाम पर गाड़ी

छत्तीसगढ़ के बस्तर में रेत उत्खनन और तस्करी धड़ल्ले से जारी है। वन मंत्री मंत्री केदार कश्यप के गृहग्राम में ही नारंगी नदी से उत्खनन का वीडियो सामने आया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने मौके से हाईवा और JCB समेत कुछ गाड़ियों को पकड़ा है। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता चंदन कश्यप का आरोप है कि JCB मंत्री केदार कश्यप की भाभी के नाम पर है। वहीं उप सरपंच का भी कहना है कि, रेत उत्खनन की शिकायत को अनदेखा किया जाता है। अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं। क्या है पूरा मामला? कांग्रेस नेता चंदन कश्यप ने बताया, कि 20 मई को वे जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं से मिलने गए थे। इस दौरान बड़े आमाबाल में अवैध घाट बनाकर रेत खुदाई होती देखी। वहां के पंचायत प्रतिनिधियों से उन्होंने इसकी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि, मना करने के बावजूद रेत उत्खनन हो रहा है। ग्राम पंचायतों के निर्देश का भी पालन नहीं हो रहा है। सूचना देने के बाद खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक- एक गाड़ी कश्यप परिवार की थी पूर्व विधायक चंदन कश्यप के अनुसार JCB वेदवती कश्यप के नाम पर है। वेदवती कश्यप वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष है। वो पूर्व सांसद दिनेश कश्यप की पत्नी और छत्तीसगढ़ के वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की भाभी हैं। मौके पर नहीं पहुंचे अधिकारी- चंदन कश्यप चंदन कश्यप ने बताया कि इसके अलावा जिस हाईवा क्रमांक सीजी 17 केवी 0715 में रेत लोड की जा रही थी। ये हाईवा मोहम्मद आसिफ के नाम से रजिस्टर्ड है। पूर्व विधायक का कहना है कि, वो मौके पर एक घंटे तक खड़े रहे, लेकिन जिले प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई के लिए नहीं पहुंचे। कई बार शिकायत की, लेकिन अनदेखी हो रही- उपसरपंच पूर्व कांग्रेस विधायक के साथ मौके पर पहुंचे उपसरपंच ने बताया कि, सरपंच-पंच सदस्यों को इसके बारे में बोला है। उत्खनन करने वालों को भी मना किया, लेकिन वो लगातार नदी से रेत उत्खनन धड़ल्ले से कर रहे हैं। अवैध रूप से उत्खनन जारी है। हालांकि कौन लोग रेत उत्खनन कर रहे थे? इस सवाल पर खनिज अधिकारी ने कहा कि, इसकी जानकारी अभी नहीं लग पाई है। कश्यप परिवार ने नहीं रखा अपना पक्ष कांग्रेस नेता चंदन कश्यप द्वारा लगाए गए आरोपों पर दैनिक भास्कर की टीम ने वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप से पक्ष जानने की कोशिश की। पूरे मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और पूर्व सांसद ने अपना पक्ष नहीं रखा है। छत्तीसगढ़ में 250 से ज्यादा अवैध घाटों से उत्खनन तस्कर कितने सक्रिय समझिए इस आंकड़े से नोट- यह आंकड़ा सीएम विष्णुदेव साय ने विधानसभा में सार्वजनिक किया था। बीजेपी विधायक राजेश मूणत के पूछे गए अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया गया। रेत माफिया उतरे हिंसा में, अब कर रहे जानलेवा हमला रेत माफिया प्रदेश में अब हिंसा में उतर आए हैं। उनके अवैध कामों का खुलासा करने वाले मीडियाकर्मियों, उन्हें रोकने वाले पुलिसकर्मियों को हाथापाई कर गंभीर रूप से घायल कर रहे हैं। कहीं तो जान से ही मार दे रहे हैं। जानिए ये 2 केस- केस:1- रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से आरक्षक का कुचला 11 मई को छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रेत माफियाओं ने एक आरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया जिससे उसकी मौत हो गई। मामला सनावल थाना क्षेत्र का है। आरक्षक अपनी टीम के साथ ग्राम लिबरा में अवैध उत्खनन की सूचना पर पहुंचा था। पुलिस की टीम को देखकर तस्कर मौके से फरार हुए और आरक्षक शिव बचन सिंह के टैक्टर से टक्कर मार दी। हादसे में आरक्षक के सीने में अंदरूनी चोटें आई थीं, गंभीर रूप से घायल आरक्षक ने हॉस्पिटल लाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक गाड़ी लेकर फरार है। केस:2- रेत माफियाओं ने वनकर्मी पर किया जानलेवा हमला 25 सितंबर 2024 को रेत माफियाओं ने कवर्धा जिले में वनकर्मियों पर हमला बोल दिया। मामला कुकदूर थाना क्षेत्र का था। अफसरों को 22 सितंबर को सूचना मिली थी कि ग्राम डालामौहा के कुदूर झोरी नाला में रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। इस पर वन विकास निगम के सर्किल प्रभारी गणेश चंद्रवंशी अपने स्टाफ अनिल कुरें, विनायक मानव मरावी, दिनेश वर्मा और लमान बैगा के साथ रात करीब 10.30 बजे मौके पर पहुंचे थे। घायल वनकर्मियों के अनुसार आरोपियों ने गालियां देनी शुरू कर दी। कहा कि, रेती गाड़ी पकड़ते हो…आज तुम लोगों को जान से मार देंगे। इसके बाद डंडे और घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। इसके चलते गणेश चंद्रवंशी और अनिल कुर्रे की वर्दी फट गई। किसी तरह दोनों उनके चंगुल से जान बचाकर भागे। प्रदेश के इन इलाकों में भी होता है अवैध तरीके से रेत उत्खनन

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