बस्तर में फाइलेरिया-हाइड्रोसील के मिले 93 मरीज:बकावंड में सबसे ज्यादा 22, जगदलपुर में 18 केस, अब 3 लाख लोगों को दवा खिलाएगा स्वास्थ्य विभाग

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में फाइलेरिया (हाथी पांव) और हाइड्रोसील के 93 एक्टिव मरीज हैं। इनमें हाथी पांव के 65 और हाइड्रोसील के 27 मरीज हैं। सबसे ज्यादा बकावंड में 22 और जगदालपुर शहरी इलाके में 18 मरीजों की पहचान की गई है। अब स्वास्थ्य विभाग बस्तर जिले के 3 ब्लॉक के 3 लाख लोगों को दवा खिलाने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, 10 फरवरी से 28 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाएगा। 10 से 14 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और पंचायत भवनों में दवा खिलाएगी। इसके अलावा 15 फरवरी से 25 फरवरी तक डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। 26 से 28 फरवरी के बीच ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो छूट गए हैं। पहचान कर दवा खिलाई जाएगी। यहां भी होगी व्यवस्था 10 से 28 फरवरी के बीच मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी शिविर लगाकर दवा खिलाई जाएगी। CMHO डॉ संजय बसाक ने कहा कि, इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग और पंचायतों का भी सहयोग रहेगा। इन ब्लॉक में हैं मरीज बस्तर जिले में बकावंड में 22, जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 18, नानगुर और बस्तर में 8-8, तोकापाल में 6 और लोहंडीगुड़ा में 4 मरीज हैं। जबकि दरभा और बास्तानार में एक भी मरीज नहीं हैं। बकावंड ब्लॉक में ही हाइड्रोसील के 23 मरीजों की पहचान की गई है। जिनका इलाज किया जा रहा है। फाइलेरिया होने पर हाथ-पैर बड़े क्यों होने लगते हैं?

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