बस्तर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में दशकों से आवागमन की चुनौतियों का सामना कर रहे ग्रामीणों के लिए शनिवार का दिन उम्मीदों की नई किरण लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत अब उन दुर्गम इलाकों को परिवहन की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जो लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की बाट जो रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीन नवीन बस सेवाओं की शुरुआत करेंगे। परिवहन विभाग की यह पहल जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक मुख्यालय और उसके आसपास के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। बल्कि बस्तर के पर्यटन, शिक्षा और व्यापार को भी नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी। इस योजना में पर्यटन और स्थानीय जरूरतों के बीच बेहतरीन सामंजस्य स्थापित किया गया है। इस रूट पर होगी शुरू जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण लोहंडीगुड़ा से बारसूर के बीच शुरू हो रही 60 किलोमीटर लंबी बस सेवा है। यह बस सेवा ऐतिहासिक नगरी बारसूर और जिला मुख्यालय जगदलपुर के बीच एक सेतु का काम करेगी। निर्धारित समय के अनुसार यह बस सुबह 7:50 बजे बारसूर से रवाना होकर सातधार, बिंता और बदरेंगा होते हुए आगे बढ़ेगी। यह बस सुबह 11 बजे विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पहुंचेगी और दोपहर 12 बजे तक जगदलपुर। यह रूट बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। लोहंडीगुड़ा-एरमुर मार्ग पर भी बस सेवा बहाल वहीं दूसरी ओर लोहंडीगुड़ा-एरमुर मार्ग पर भी बस सेवा बहाल की गई है, जिसे ग्रामीणों के लिए एक जीवन रेखा माना जा रहा है। यह बस सुबह साढ़े 7 बजे एरमुर से अपनी यात्रा शुरू करेगी और हर्राकोडेर, कुधूर, धरमाबेड़ा, रतेंगा जैसे अंदरूनी गांवों को पार करते हुए सुबह 11 बजे जगदलपुर बस स्टैंड पहुंचेगी। इस रूट में बस शुरू होने से अब दर्जनों गांवों के लोग, जो पहले घंटों का सफर तय करने को मजबूर थे, सुरक्षित और समय से शहर से जुड़ सकेंगे। रायकोट से जगदलपुर के बीच बस सेवा को मंजूरी इसके अलावा रायकोट से जगदलपुर के बीच 39 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सीधी बस सेवा को मंजूरी दी है। यह सेवा कुरूषपाल और पोटानार जैसे गांवों के छात्रों और व्यापारियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगी। यह बस सुबह 08 बजे रायकोट से निकलकर कामदेव और पोटानार होते हुए सुबह 09:50 बजे जगदलपुर पहुंचेगी, जिससे स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोग और अपने राजस्व कामकाज करवाने के लिए ग्रामीण समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।


