झिलाय| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्सी में भारत की सांस्कृतिक, साहित्यिक व भाषाई अनेकता में एकता को मजबूत करने के लिए भाषा संगम कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्मतिथि) के संदर्भ में शुरू हुई है, जो देश की भावी पीढ़ी को सुसंस्कारित करने व राज्यों के बीच सांस्कृतिक पुल बनाने का प्रयास है। विद्यालय प्राचार्य डॉ. कुसुम कौशिक ने बताया, “राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए यह आवश्यक है। खान-पान, लोकगीत, नृत्य, वाद्य, रीति-रिवाज, परंपराएं व वेशभूषा का आदान-प्रदान कर हम एक राज्य से दूसरे के साथ संपर्क बढ़ा रहे हैं।” उन्होंने जोड़ा कि केंद्र शासित प्रदेशों सहित सभी राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर राष्ट्र की एकता की कड़ी मजबूत हो रही है। कार्यक्रम प्रभारी गिरवर सिंह के नेतृत्व में लगातार तीन वर्षों से असम व राजस्थान की भाषाओं पर कार्य चल रहा है। सामान्य वाक्यों, चित्रों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। राजस्थान का घूमर नृत्य व असम का बीहू नृत्य सिखाए गए।


