सतना में चित्रकूट से बिरसिंहपुर जा रही विजय ट्रेवल्स की एक बस में नाबालिग छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस कंडक्टर ने सीट न मिलने और किराए को लेकर विवाद के बाद छात्रों को बीच जंगल में उतार दिया। यह मामला 13 जनवरी का बताया जा रहा है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बस से उतारे गए सभी छात्र चित्रकूट स्थित रघुनाथ मंदिर परिसर के संस्कृत विद्यालय में अध्ययनरत थे। मकर संक्रांति की छुट्टी के चलते छात्र अपने-अपने घर लौट रहे थे। बस में अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें सीट नहीं मिली। ऐसे में छात्रों ने कंडक्टर से आधा किराया लेने की बात कही। इसी बात को लेकर बस कंडक्टर नाराज हो गया। आरोप है कि उसने चित्रकूट थाना क्षेत्र के बगदरा घाटी के जंगल में बस रोक दी और सभी नाबालिग छात्रों को जबरन नीचे उतार दिया। छात्रों का कहना है कि कंडक्टर ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया और मदद की कोई कोशिश किए बिना बस लेकर वहां से चला गया। बच्चों को जंगल में उतार दिया घटना के समय इलाका घना जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का था। छोटे-छोटे बच्चों को बीच जंगल में उतार दिए जाने से वे काफी डर गए। गनीमत यह रही कि कुछ समय बाद उसी मार्ग से गुजर रही एक अन्य बस के चालक और परिचालक ने छात्रों की हालत देखकर उन्हें बस में बैठा लिया। इसके बाद सभी छात्र सुरक्षित अपने घर पहुंच सके। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी राहगीर या बस में मौजूद व्यक्ति ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है और विजय ट्रेवल्स के कंडक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं। बस स्टाफ पर कार्रवाई की संभावना फिलहाल, प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच और संबंधित बस स्टाफ पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। नाबालिग छात्रों को बीच जंगल में उतारने की यह घटना यात्री सुरक्षा और निजी बसों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


