प्रतापगढ़ के आदिवासी संगठनों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के धार जिले में धामनोद में कमलाबेन हॉस्पिटल के पास करीब 15-20 हमलावरों ने बस को रोककर तोड़फोड़ की और यात्रियों के साथ मारपीट की। हमलावरों ने न केवल यात्रियों से बदसलूकी की, बल्कि बस पर लगे ‘भील प्रदेश’ के झंडे और ‘जय जोहार’ जैसे आदिवासी प्रतीकों का अपमान करते हुए जातिसूचक गालियां भी दीं। भारत आदिवासी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद्र मईड़ा ने इसे आदिवासी पहचान और संस्कृति पर सीधा हमला बताया है। दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग
दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग ज्ञापन में घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई है। साथ ही आदिवासी समाज ने अपने सांस्कृतिक प्रतीकों की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बस चालक शांतिलाल मीणा द्वारा सौंपे गए वीडियो और फोटो के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना महाराष्ट्र के धुले में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद सांस्कृतिक सम्मेलन से लौट रहे राजस्थान के आदिवासी परिवारों के साथ हुई थी। पीड़ित यात्री तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौट रहे थे। यह घटना महाराष्ट्र के धुले में 13-15 जनवरी को पानखेड़ा में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद सांस्कृतिक सम्मेलन से लौट रहे राजस्थान के आदिवासी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के साथ हुई थी।


