बहरोड़ में पिता और जुड़वा बच्चों पर गिरा छज्जा, VIDEO:घर से 10 मीटर दूर चलते ही हुआ हादसा; पिता की मौत, बच्चे घायल

कोटपूतली-बहरोड़ में पुराने मकान का छज्जा गिरने से लैब टेक्नीशियन की मौत हो गई, जबकि उसके जुड़वा बच्चे घायल हो गए। युवक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान करीब 100 साल पुराने मकान का छज्जा चलती बाइक पर आ गिरा। दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बहरोड़ के खटिकों के मोहल्ले में बुधवार सवेरे करीब 8 बजे की है। घर से करीब 10 मीटर दूर चलते ही जर्जर मकान का छज्जा बाइक पर गिर गया। पूरी घटना कुछ दूरी पर स्थित महेंद्र शर्मा उर्फ पप्पू के कमरे में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पहले देखें हादसे के PHOTOS अब सिलेसिलेवार पढ़ें घटनाक्रम मोहल्लेवासी जयसिंह और दीपक लखेरा ने बताया- रतनलाल प्रजापत (32) बुधवार सुबह अपनी बाइक से दोनों जुड़वा बच्चों हिमांशी और हिमांशु (10) को गुरुकुल स्कूल छोड़ने नारनौल रोड पर जा रहा था। घर से बच्चों को बाइक पर बैठाया और कुछ ही कदम की दूरी पर चला था। कॉर्नर वाले दयाराम बसवाल का सालों पुराने मकान का छज्जा उसकी बाइक पर आ गिरा। ये मकान करीब 10 साल से बंद है और जर्जर अवस्था में है। तेज आवाज सुनकर आस-पास लोग मौके पर पहुंचे। तुरंत मलबे को हटाया और तीनों को मलबे से बाहर निकालकर बहरोड़ के जिला अस्पताल पहुंचाया। दोनों बच्चे जयपुर रेफर, पिता की मौत
हादसे में हिमांशी और हिमांशु गंभीर घायल हो गए। हिमांशी के चेहरे के लेफ्ट साइड आंख के नीचे और ठोडी पर गंभीर चोट आई है और हिमांशु के लेफ्ट पैर में फ्रैक्चर है। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। जेके लोन हॉस्पिटल में दोनों का इलाज जारी है, जबकि उनके पिता रतनलाल के सिर में गंभीर चोट आई। जिन्हें बहरोड़ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान रतनलाल की मौत हो गई। कार्यवाहक थाना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया- हादसे के संबंध में रतनलाल के चाचा लालाराम निवासी कोलीला ने बहरोड़ थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाया और जांच शुरू कर दी। मामले को लेकर नगर परिषद कमिश्नर नूर मोहम्मद ने बताया हादसे के बाद में नगर परिषद ने एक ही परिवार के आठ लोगों को नोटिस दिया है। साथ ही छज्जा गिरने वाले वर्षों पुराने मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से को जेसीबी की मदद से धराशाई कर दिया गया। इसके अलावा, नगर परिषद क्षेत्र में जर्जर मकान, दुकान, प्रतिष्ठान और भवन का सर्वे कराने और तुड़वाने के लिए टीम का गठन किया है। बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे थे
नीमराना के गांव कोलीला निवासी रतनलाल (32) पत्नी और बच्चों के साथ बहरोड़ में अपने ससुराल में रहते थे। रतनलाल निजी अस्पताल में लेब टेक्नीशियन है। साथ ही नारनौल रोड पर ‘लाल पैथ लैब’ के नाम से पैथोलॉजी लैब भी चलाते थे।

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