झालावाड़ जिले के पिड़ावा निवासी अब्दुल अजीज ने अपनी बेटी निदा खान की बांग्लादेश के ढाका में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर निष्पक्ष और विधिवत जांच की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। अब्दुल अजीज ने बताया कि उनकी बेटी निदा खान ढाका के एक मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन और स्टाफ द्वारा निदा को मानसिक दबाव डालकर प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ भेदभाव किया जाता था। पिता के अनुसार, 28 सितंबर रविवार सुबह 5:45 बजे कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें फोन कर निदा की मौत की सूचना दी। कॉलेज ने निदा का निजी मोबाइल, डायरी, नकदी और अन्य व्यक्तिगत सामान जब्त कर लिया है। अब्दुल अजीज ने कहा कि उन्हें मृत्यु का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, न ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफआईआर की प्रति या घटना से जुड़े कोई फोटो/वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में विरोध प्रदर्शननिदा की मृत्यु के बाद, कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं ने उसके समर्थन में विरोध प्रदर्शन किए। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बांग्लादेश के समाचार चैनलों और अखबारों ने भी इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया। भारत में भी निदा खान की मौत की खबरें मीडिया में आई हैं।अब्दुल अजीज ने कहा कि परिस्थितियां उनकी बेटी की हत्या की ओर संकेत कर रही हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायोग से आग्रह किया है कि इस संदिग्ध मृत्यु की विधिवत जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाए।


