झाबुआ के पेटलावद में हिंदू समाज ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और हाल ही में श्री दीपू दास के साथ हुई घटना का विरोध किया। मंगलवार को हिंदू जागरण मंच के नेतृत्व में नगर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर जताया विरोध यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। रैली के बाद हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अनिल बघेल को सौंपा। घटना की निष्पक्ष जांच सहित तीन मांगे रखीं ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गईं: श्री दीपू दास के साथ हुई घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई, और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप। केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने मांग इस अवसर पर जितेंद्र कटकानी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा व्यवहार मानवाधिकारों का उल्लंघन है और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। उन्होंने भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने और वहां के हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करने की अपील की। ज्ञापन सौंपते समय समस्त हिंदू समाज के कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।


