बांग्लादेश में BNP नेता की गोली मारकर हत्या:एक अन्य घायल, अस्पताल में भर्ती कराया; बाइक सवार हमलावरों ने निशाना बनाया

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बुधवार रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके साथ अबू सूफियान मसूद गंभीर रूप से घायल हो गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक घटना रात करीब 8:40 बजे करवान बाजार के तेजतुरी बाजार इलाके में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने स्टार कबाब के पास अचानक फायरिंग शुरू कर दी और मौके से फरार हो गए। गोली लगने से मुसब्बिर और मसूद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मुसब्बिर को तुरंत BRB अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तेजगांव डिविजन के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त फजलुल करीम ने मुसब्बिर की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों पर एक संकरी गली में हमला किया गया था। BNP स्वयंसेवी यूनिट के महासचिव रह चुके मुसब्बिर अजीजुर रहमान मुसब्बिर, BNP की स्वयंसेवी इकाई ढाका सिटी नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के पूर्व महासचिव थे। वह शरियतपुर के रहने वाले थे और करवान बाजार इलाके में परिवार के साथ रहते थे। वह पहले भी कई राजनीतिक मामलों में जेल जा चुके थे। उन्होंने 2020 नगर निगम चुनाव में तेजगांव के वार्ड-26 से BNP समर्थित उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। BNP कार्यकर्ताओं ने सोनारगांव चौराहे के पास विरोध प्रदर्शन किया। 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले इस वारदात ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले महीने छात्र नेता हादी की गोली मारकर हत्या थी इससे पहले पिछले महीने 18 दिसंबर को छात्र नेता उस्मान हादी की गोली लगने से मौत हो गई थी। हादी को राजधानी ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी बाइक सवार हमलावर ने उन्हें गोली मारी थी। हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, बाद में इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था। जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी। उन्हें 20 दिसंबर को संसद भवन में दफनाया गया था। हादी ढाका से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे और चुनाव में ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार थे। इंकलाब मंच अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद एक संगठन के रूप में उभरा। इसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सरकार को गिरा दिया था। यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देते हुए पूरी तरह खत्म करने और नौजवानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा। यह संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है। मई 2025 में अवामी लीग को भंग करने और चुनावों में अयोग्य ठहराने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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