बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही कथित हिंसक घटनाओं के विरोध में मंगलवार शाम दतिया में राजगढ़ चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और नारेबाजी कर आक्रोश जताया। कार्यक्रम का नेतृत्व विहिप के जिला सह संयोजक आकाश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रही घटनाओं से देशभर के हिंदू समाज में गहरा दुख और रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के समय में वहां इस्लामी कट्टरपंथी गतिविधियां बढ़ी हैं और अल्पसंख्यक समुदाय विशेष रूप से निशाने पर है। बोले- कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया
विहिप के जिला मंत्री अजय राज शर्मा ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, महिलाओं, संपत्तियों, शासकीय कर्मचारियों और पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मेमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र की एक घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने नृशंस हत्या कर दी। उनका कहना था कि यह पूरी घटना पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई, लेकिन कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के मानवीय अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगे, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।


