उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस वर्ष कबीर गुफा और चबूतरा दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। गुरुवार की यात्रा के बाद कोर एरिया में 5 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। यात्रा समाप्त होने के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन के सामने जंगल की सफाई और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई। यात्रा के बाद कोर क्षेत्र के जंगलों में पानी की बोतलें, प्लास्टिक पैकेट, रैपर और अन्य कचरा फैल गया। इससे जंगल का प्राकृतिक वातावरण प्रभावित होने लगा। स्थिति को देखते हुए टाइगर रिजर्व की विशेष सफाई टीम तुरंत सक्रिय हो गई। गुरुवार और शुक्रवार को एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने जंगल से लगभग पांच बोरा कचरा जमा किया। टीम ने पगडंडियों, गुफा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में फैले प्लास्टिक को उठाकर नष्ट किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ताला गेट के पास भी गंदगी मिली यात्रा के दौरान और बाद में ताला गेट के आसपास भी गंदगी देखी गई। यह स्थान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। यहां फैला कचरा पर्यावरण के साथ-साथ जंगल की छवि को भी प्रभावित करता है। बांधवगढ़ का कोर क्षेत्र बाघों, जंगली हाथियों और कई दुर्लभ प्रजातियों का निवास स्थान है। प्लास्टिक कचरा वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकता है। प्रबंधन ने जंगल की प्राकृतिक शुद्धता बनाए रखने के लिए साफ-सफाई को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि सुरक्षा और निगरानी के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया था। भीड़ को नियंत्रित करने और कचरा फेंकने से रोकने की पूरी कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “इसके बावजूद कुछ श्रद्धालुओं द्वारा कचरा छोड़ा गया, जिसे टीम ने तुरंत साफ कर दिया है।


