बांसवाड़ा की 103 ग्राम पंचायत होंगी टीबी मुक्त:टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के तहत सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए हुई कार्यशाला

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत शनिवार को मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि आमजन और मीडिया के सहयोग से जिले को टीबी मुक्त बनाने का हमारा पहला लक्ष्य है। इसके लिए सामाजिक जागरूकता आवश्यक है। साथ ही निक्षय मित्र बनकर भी हम इस अभियान में सहयोग कर सकते है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह सपना है कि भारत टीबी मुक्त हो। इस सपने को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम आमजन के साथ मिलकर हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारा बांसवाड़ा भी 2025 तक टीबी मुक्त हो। उन्होंने प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान की जानकारी दी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके वर्मा ने कार्यशाला में पीपीटी के माध्यम से क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। 103 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त उन्होंने टीबी को लेकर जिले की वस्तुस्थिति पर चर्चा की। डॉ वर्मा ने बताया कि जिले की 103 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त कर दिया है। जिसकी घोषणा राज्य स्तर से वेरिफिकेशन के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा जिले में वर्तमान में 4800 पेशेंट का इलाज चल रहा है। जिन्हें जल्द ही दवाओं के माध्यम से टीबी से मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन हमें नए केस न मिले, इसलिए जागरूकता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि जिले में 86 से 90 फीसदी तक इलाज का सफल रेशो है। मरीज ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति निक्षय मित्र बन सकता है। वह योजना के तहत टीबी रोगियों और परिवारों को पोषण, रोजगारोन्मुखी और शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग कर सामाजिक भागीदारी निभा सकता है। वहीं मरीजों के लिए चिकित्सा केंद्रों पर बलगम की जांच से लेकर पूरा इलाज निशुल्क उपलब्ध है। निशुल्क नंबर से भी ले सकते हैं जानकारी उन्होंने बताया कि टीबी के प्रमुख लक्षण लगातार खांसी, खांसते समय या बलगम में खून आना, बुखार होना, वजन कम होना, भूख कम लगना आदि है। ऐसे लक्षणों पर तुरंत नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जाकर परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज निर्देशानुसार लेने पर 6 से 8 माह में आराम मिल जाता है। यह सावधानी रखनी जरूरी टीबी के जीवाणु खांसने और छींकने से फैलते है। इसलिए पेशेंट को खांसते समय मुंह ढक कर रखना चाहिए। साथ ही टीबी रोगी के लिए स्वस्थ आहार में दालें, अनाज, दूध, तेल घी, रोटी, चावल, मूंगफली, अमरूद, केले और फल सेवन करने चाहिए। शराब, धूम्रपान और तंबाकू को छोड़ना अत्यंत आवश्यक है। निशुल्क नंबर भी जारी कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित सिंह झाला ने बताया कि कोई भी व्यक्ति निशुल्क नंबर 1800116666 पर फोन से जानकारी भी प्राप्त कर सकता है। यह टीबी रोगियों और संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर है। उन्होंने बताया कि टीबी संबंधित आमजन में जागरूकता और जन सहयोग के लिए एक माह तक अभियान चलाया जाएगा। जिसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत नाम दिया गया है।

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