बांसवाड़ा के कुशलबाग मैदान के समीप स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में रविवार को जिले का पहला फ्लावर एंड प्लांट शो आयोजित किया गया। यह आयोजन बांसवाड़ा बाग-बगीचा समूह के देखरेख में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता वेस्ट टू वंडर कॉन्सेप्ट रही। इसमें बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को रिसाइकिल कर उन्हें आकर्षक गमलों और सजावटी रूप में तैयार किया गया। इस पहल ने लोगों को कचरे के रचनात्मक उपयोग का संदेश दिया। कलेक्टर ने की पहल की सराहना कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि वेस्ट सामग्री को कचरा समझकर फेंकने के बजाय उसका रचनात्मक उपयोग करना पर्यावरण के लिए उपयोगी है। उन्होंने लोगों से घरों में छोटे बगीचे लगाने और हरियाली बढ़ाने की अपील की। 500 से अधिक प्रजातियों के पौधे प्रदर्शित फ्लावर एंड प्लांट शो में फूलों और पौधों की 500 से अधिक प्रजातियां प्रदर्शित की गईं। इनमें अडेनियम, पिटुनिया, हिबिस्कस और गुलदाउदी जैसी कई दुर्लभ किस्में शामिल रहीं, जिन्हें देखने के लिए लोग देर तक रुके रहे। पौधों की देखभाल और खाद की दी जानकारी समूह के सदस्यों ने आगंतुकों को पौधों की देखभाल, नियमित सिंचाई और कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि के बारे में भी जानकारी दी, ताकि लोग घरों में पौधों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकें। इन सदस्यों का रहा सक्रिय योगदान आयोजन को सफल बनाने में डॉ. राजेश नावाड़े, दर्शिका व्यास, मनीष शर्मा, समीत भगोरा, योगेश्वर नगर और अनुपमा उपाध्याय की सक्रिय भूमिका रही। करीब 15 प्रतिभागियों ने अपने निजी संग्रह के पौधों के साथ शो में हिस्सा लिया। प्रतिवर्ष आयोजन का लक्ष्य आयोजकों ने बताया कि इस प्रदर्शनी को हर साल आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बांसवाड़ा शहर में हरियाली बढ़े और पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरूकता लगातार मजबूत हो सके।


