बांसवाड़ा में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गलत तरीके से गेहूं का लाभ उठाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। जिला रसद अधिकारी (DSO) ओमप्रकाश जोतड़ ने बताया कि जिले में अब तक हजारों अपात्र कर्मचारियों से करोड़ों रुपए की वसूली की जा चुकी है और शेष बचे कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। DSO ओम प्रकाश जोतड़ ने बताया कि जिले में अभी भी 2,374 ऐसे परिवार व कार्मिक शेष हैं, जिनसे वसूली की जानी है। इन पर लगभग 5 करोड़ 49 लाख 92 हजार 7 रुपए का बकाया है। उन्होंने बताया कि कई कार्मिकों को उपखंड अधिकारियों (SDM) के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ मामलों में संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो कुछ ने चालान जमा करने का दावा किया है, लेकिन रसीद प्रस्तुत नहीं की है। हमारा लक्ष्य है कि सभी से शत-प्रतिशत वसूली पूरी कर ली जाए। जिला रसद अधिकारी के अनुसार वसूली की स्थिति कुछ इस प्रकार है: डीएसओ ने बताया कि यदि शेष कार्मिक समय पर राशि जमा नहीं कराते हैं, तो उनके विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक गिवअप अभियान के तहत छोड़ चुके गेहूं अपात्र लोगों के लिए सरकार की ओर चलाए जा रहे गिवअप अभियान के तहत जिले में अब तक 135647 लोग अपनी स्वेच्छा से गेंहू लेना छोड़ चुके हैं। इस अभियान की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई गई है। विभाग के अनुसार- यदि कोई व्यक्ति अपात्र होते हुए भी गेंहू उठाता हैं तो विभाग 28 फरवरी के बाद उससे 30 रुपए 57 पैसे के हिसाब से वसूली करेगा।


