राजस्थान के बाघों की नस्ल बदलने के लिए पहली बार मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन को बूंदी का रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व रास आ रहा है। एनक्लोजर में रहने के दौरान दूसरे ही दिन बाघिन पीएन 224 ने देर रात बेट (पाड़े) का शिकार किय। बाघिन एनक्लोजर में घूम रही है। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि बाघिन पीएन 224 को सोमवार को रामगढ़ रिजर्व के सॉफ्ट एनक्लोजर ने रिलीज किया था। वाइल्ड लाइफ जानवर जगह बदलने पर एक दो दिन स्ट्रेस में रहते है। बाघिन पहले दिन थोड़ी स्ट्रेस में दिखी थी। फॉरेस्ट की टीम लगातार मॉनिटरिंग में जुटी हुई है। रामगढ़ लाने से पहले बाघिन ने एमपी के पेंच रिजर्व में शिकार किया था। देर रात बाघिन ने रामगढ़ के एनक्लोजर में शिकार किया है। वो 1 हैक्टेयर के एनक्लोजर में अच्छे से घूम रही है और रेस्ट भी कर रही है। विभाग की टीम 24 बाघिन के बिहेव, हेल्थ व मूवमेंट पर नजर रखे हुए है। बता दें बूंदी का रामगढ़ विषधारी रिजर्व देश का 52 वां टाइगर रिजर्व है। इस अभ्यारण से चंबल नदी भी निकलती है यहां वर्तमान में 7 टाइगर है। इंटर स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन के तहत सोमवार 22 दिसंबर को पहली बार एमपी से बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन पीएन 224 को शिफ्ट किया गया है। ये खबर भी पढ़े- राजस्थान-बदलेगी बाघों की नस्ल, पहली बार MP से लाए बाघिन:सेना के हेलिकॉप्टर से जयपुर पहुंची, बूंदी के रामगढ़ विषधारी रिजर्व में छोड़ा राजस्थान के बाघों की नस्ल बदलने के लिए पहली बार मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन को लाया गया है। रविवार रात 10.30 बजे सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर 3 वर्ष की बाघिन ‘पीएन-224’ को लेकर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। एक्सपर्ट का दावा है कि इंटर स्टेट हवाई ट्रांसफर का यह पहला मामला है। जयपुर से सड़क मार्ग से टाइग्रेस को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ले जाया गया। सोमवार सुबह 6.30 बजे उसे एनक्लोजर में छोड़ा गया। खबर पढ़े


