बाघ ने 8 दिन बाद किया नील गाय का शिकार:लखनऊ वन विभाग ने कहा- पुराना होगा; एक दिन पहले ट्रैप कैमरे में दिखा था

लखनऊ के रहमान खेड़ा में बाघ ने नील गाय का शिकार किया। घटना उलरापुर गांव की है। गांव के किसान ने बताया कि बेहता नाला की तरफ एक नील गाय पड़ी दिखी है। उसे बाघ आधे से अधिक खा लिया है। अवशेष पर चील कौवे मंडरा रहे हैं। हालांकि वन विभाग SDO हरिलाल का कहना है कि बाघ आज कोई शिकार नहीं किया है। संभवत: यह पुराना शिकार हो सकता है। वन विभाग की टीम सूचना मिलने के बाद परीक्षण करने पहुंची। टाइगर ने बीते 8 दिन से कोई शिकार नहीं किया था। इससे शिकार करने की संभावना जताई जा रही है कि बाघ ने भी नील गाय का शिकार किया है। शुक्रवार को ट्रैप कैमरे में कैद हुआ था टाइगर
पहली बार शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे टाइगर ट्रैप कैमरे में कैद हुआ। संस्थान में लगे 7 ट्रैप कैमरे में टाइगर दिखाई दिया। ट्रैप कैमरे में कैद होने के बाद टाइगर के संस्थान में होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद से वन विभाग की टीम ने ऑपरेशन में तेज कर दिया है। डीएफओ ने ऑपरेशन के लिया था जायजा
डीएफओ डॉ सितांशु पांडेय ने शुक्रवार को ऑपरेशन का जायजा लिया था। साथ में शाहजहांपुर के पूर्व डीएफओ प्रखर गुप्ता भी रहे। डीएफओ ने वन विभाग के 25 सदस्यों की 6 टीम बना कर सर्च ऑपरेशन करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की टीम ने की कॉम्बिंग व बांटे पटाखे
वन विभाग की टीम ने उलरापुर, मीठे नगर, दुगौली गांव समेत आधा दर्जन गांव में कॉम्बिंग की। उलरापुर गांव में किसान गजराज ने बताया बेहता नाला किनारे टाइगर ने शिकार किया है। जिसकी सूचना विभाग को दी गई है। वही वन विभाग की टीम ने लोगो सतर्क व जागरूक रहने को कहा साथ ही पटाखे भी वितरित किए हैं। यह भी पढ़ें लखनऊ में टाइगर ने 8 दिन बाद किया शिकार:रहमान खेड़ा के उलरा गांव में नील गाय मारी; एक दिन पहले ट्रैप कैमरे में दिखा था लखनऊ में पहली बार बाघ ट्रैप कैमरे में नजर आया है। रहमानखेड़ा के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) के चौथे ब्लॉक में सुबह 5 बजे मूवमेंट करते हुए कैद हुआ। इलाके में 15 ट्रैप कैमरे और दो केज लगाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *