बाघ व वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए दिखा रहे डॉक्यूमेंट्री-फिल्म:बाघ सुरक्षित नहीं तो कैसे बचेगा जंगल, दिलाई शपथ

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रमों में ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि वन्य जीव पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं और मानव एवं वन्यजीव के सहअस्तित्व का महत्व क्या है। ईको विकास समिति और ग्रामीण गाइड के सहयोग से गांव-गांव में संवाद कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। फिल्मों के माध्यम से ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि “बाघ मां दुर्गा का वाहन है” और अन्य वन्य प्राणी भी देवी-देवताओं से जुड़े हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है। खेल, नृत्य और नुक्कड़ के जरिए संदेश
डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम ने बताया कि परिक्षेत्र पिपरिया में पर्यटन गाइड और वनकर्मियों के बीच खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। परिक्षेत्र बागरा में वन एवं वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित नृत्य, गायन और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया। साफ-सफाई और शपथ कार्यक्रम भी आयोजित
परिक्षेत्र देनवा में पर्यटन स्थल पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और समिति सदस्यों को सतपुड़ा पर आधारित चलचित्र दिखाकर जागरूक किया गया। वहीं, पचमढ़ी परिक्षेत्र में ईको-पर्यटन स्थलों की सफाई कर पर्यटकों और गाइड को वन्यजीव संरक्षण की शपथ दिलाई गई। जनभागीदारी से बढ़ाई जा रही जागरूकता
एसटीआर पिपरिया के सहायक संचालक आशीष खोपराघड़े ने कहा कि “वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से सामूहिक चेतना बढ़ाना है। इससे ग्रामीणों और पर्यटकों में वन्यजीवों की सुरक्षा और सतत पर्यटन के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जा सकेगी।”

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *