बाड़मेर में दोपहर बाद पंतगबाजी चरम पर:गली-गली में गूंज वो काटा, दिन भर दान-पुण्य, मंदिरों के किए दर्शन

बाड़मेर में मकर संक्रांति पर्व मनाया जा रहा है। सुबह से हर कोई दान पुण्य करने में लगा हुआ है। तिल लड्‌डु, फल भी दान कर रहे है। शहर की छतों पर लोगों की चहल-पहल और पतंगबाजी का उत्साह देखने लायक है। रंग-बिरंगी पतंगों से सजे आसमान और धुनों की गूंज के बीच पतंगबाजी का शोर हर गली में सुनाई दे रहा है। इससे पहले सुबह-सुबह लोग मंदिर और गोशालाओं में गए। गायों को चारा खिलाया और अपने ईष्टदेव के दर्शन किए। मांझे से बेचने के लिए बाइक सवार जुगाड़ से बचाव करते नजर आ रहे है। दरअसल, वहीं मकर संक्रांति के पर्व पर आज सुबह से मंदिरों में दान पुण्य का दौर भी जारी है। वहीं, मंदिर में सुबह से भक्त दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। नंदी गौशाला में पशुओं के लिए दान पुण्य के लिए खीचड़ी बनाई गई। बाड़मेर में आसमान में रंग बिरंगे पंतगों से सजा नजर आया। प्रतिबंध समय में जारी रहा पतंगबाजी का दौर बाड़मेर में सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे पतंगबाजी पर प्रतिबंध किया गया था। लेकिन इस समय भी पंतगबाजी का दौर चलता रहा। वहीं बाड़मेर शहर मे चाइनीज मांझे से लोग पंतगे उड़ाते नजर आए। वहीं कहीं-कहीं पक्षी भी घायल हुए हे। बाड़मेर नगर परिषद ने मांझे के चलते ओवरब्रिज पर रस्सियों को बांधा गया है। वहीं बाइक चालक मांझे से बचने के लिए देशी जुगाड़ लगा रहे है। बाइक के हैंडल पर चार-पांच फिट तक तार को बांधे हुए है।

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