बाड़मेर लिफ्ट परियोजना:देखरेख पर हर माह 18 लाख खर्च, फिर भी 25 प्रतिशत पानी की रास्ते में ही चोरी

मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाले नहरी पानी में 20% से 25% रास्ते में ही चोरी हो रहा है। विभाग की ओर से मोहनगढ़ से बाड़मेर व कुम्हारों की ढाणी से जैसलमेर आर्मी तक जाने वाली 218 किमी मुख्य पाइप लाइन के मेंटेनेंस व पेट्रोलिंग पर मासिक 17 लाख 85 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन बार-बार पाइप लाइन लीकेज व पानी चोरी लगातार हो रही हैं। लोग नहरी पानी से डिग्गियां बनाकर खेती कर रहे हैं। अक्टूबर 25 से जनवरी तक 15 दिन मोहनगढ़ में शटडाउन लिया गया। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बन गया है। विभागीय लापरवाही व संबंधित फर्म की ओर से मेंटेनेंस व पेट्रोलिंग में हो रही खानापूर्ति का खामियाजा 3 जिलों की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे हालात में बाड़मेर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि पीएचईडी परियोजना खंड एक्सईएन की ओर से पेट्रोलिंग के दौरान बुधवार को भाडखा से बाड़मेर के जीरो पॉइंट तक 3 इंच के पांच कनेक्शन काटे गए। 5 स्थानों पर मुख्य पाइप लाइन (ट्रंक लाइन) से सीधे ग्राम पंचायतों की ढाणियों तक 3 इंची पाइप लाइन के कनेक्शन लिए गए थे। कुम्हारों का वास व दर्जियों का वास, मगनोनियों की ढाणी खारियातला, आदर्श अंबेडकर नगर पुरोहितों की बस्ती व पुरोहितों की बस्ती स्कूल ग्राम पंचायत मूंढों की ढाणी तथा मगरा बाड़मेर सहित कुल 5 कनेक्शन काटते हुए कार्रवाई की गई। पिछले साल भी कार्रवाई के तहत 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। लेकिन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रुक रही है। मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पानी पहुंचने में लगते हैं 20 घंटे अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। इस महीने भाडखा में पाइप लाइन फूटने से बुधवार को शटडाउन लिया गया। शुक्रवार शाम तक मोहनगढ़ से पानी नहीं पहुंचा। शहर में तीन महीने में पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन तक पहुंच गया है। तीसरी बार ट्रंक लाइन मेंटेनेंस का टेंडर 2012 से अगस्त 2018 तक एलएंडटी ने ट्रंक लाइन का मेंटेनेंस किया। नवंबर 2018 से नवंबर 2024 तक 24.30 लाख मासिक खर्च पर वीवी चौधरी फर्म का मेंटेनेंस टेंडर था। अब दिसंबर 2024 से 5 साल तक 17.85 लाख मासिक खर्च पर गोदारा कंस्ट्रक्शन मेंटेनेंस कर रही है। “भाडखा से जीरो पॉइंट तक ट्रंक लाइन से ग्राम पंचायतों की ओर से 5 अवैध कनेक्शन जोड़े गए थे, जिन्हें हटाया गया है। पेट्रोलिंग लगातार जारी है। भाडखा में मुख्य पाइप लाइन लीकेज से एक दिन का शटडाउन लिया गया था। आज शाम तक जीरो पॉइंट पर पानी पहुंचा दिया गया।” -नेमाराम बामणिया, एक्सईएन, पीएचईडी परियोजना खंड, मोहनगढ़

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