बाढ़ में उजड़ा आशियाना… फरिश्ते बन आगे आए 29 लोग बनवा रहे विधवा का मकान

कहते हैं कि जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो भगवान किसी न किसी रूप में मदद के लिए फरिश्ते जरूर भेजता है। कुछ ऐसी ही मिसाल रणजीत विहार के 29 लोगों ने पेश की है। 7 माह पहले आई बाढ़ में गांव गग्गोमाहल की विधवा संतोष रानी का आशियाना उजड़ गया ​था। संतोष रानी बेटी संग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गई। जब इसका पता रणजीत विहार में रिटायर्ड कैप्टन जवाहर सिंह देवगन को लगा तो लोगों से मदद करने की अपील की। इसके बाद 29 लोग आगे आए और 2 लाख रुपए जुटाकर नया आशियाना बनाया जा रहा है। वहीं, गांव के कुछ लोगों ने 20 हजार रुपए की मदद भी दी है। इस बीच संतोष रानी अपनी बेटी प्रीती (21) के साथ खुले आसमान के नीचे और रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हुई। हालांकि, मदद मिलने के बाद अब छत डालने की तैयारी है। अगले माह तक मकान बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। मददगारों में सनमीत कौर, राजवीर कौर, करियाणा स्टोर भाटिया, मुकेश सैनी, सरबजीत सिंह, राघव खन्ना, कश्मीर सिंह, सुमन ग्रोवर, हरप्रीत सिंह, चन्देश महेन्द्रू, उमेश गुप्ता, सुनील महेन्द्रू, नविंदर सिंह, ​डॉ. हरप्रीत अरोड़ा, काजल, अमनदीप शर्मा, सुखदेव सिंह पन्नू, मुख्तार सिंह पन्नू, धर्म सिंह ढिल्लों, शिखा महाजन, बलजीत सिंह ढिल्लों, सूबेदार सुरजीत सिंह, कैप्टन जवाहर सिंह आदि शामिल हैं। संतोष रानी ने बताया कि 2012 में पति की मौत हो गई थी। वह रेहड़ी लगाने का काम करते थे। 5 बेटियों में एक की शादी जब पति जीवित थे तो हो चुकी थी। जबकि 3 बेटियों की शादी बाद में करनी पड़ी। हालांकि उनके 3 भाइयों ने शादी में मदद की। पता नहीं था कि कुदरत का कहर इस तरह से उन पर बरपेगा। बीते साल आई बाढ़ सबकुछ बहाकर ले गई। सोचा नहीं था कि दोबारा छत नसीब हो पाएगी। इस बीच कैप्टन जवाहर सिंह फरिश्ता बनकर आए जिनकी मदद से आज नया आशियाना तैयार हो रहा है। बेटी प्रीती 12वीं में पढ़ रही है। एक साल से कंप्यूटर से जुड़ा काम करती है जिसे 7 हजार रुपए मिल जाते हैं, उसी में खर्च चला रहे हैं।

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