कृष्ण कांत सिंह| हजारीबाग हजारीबाग टाउन स्टेशन पूर्व मध्य रेलवे का एक हाई प्रोफाइल स्टेशन बन गया है। डीआरएम से लेकर जीएम तक के अधिकारियों का आवागमन निरंतर यहां होता रहता है। बावजूद यह स्टेशन रेल कनेक्टिविटी के मामले में बहुत कमजोर है। जबकि हजारीबाग शहर झारखंड के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। वही रेलवे के बड़े अधिकारियों का आगमन सिर्फ हजारीबाग टाउन स्टेशन के करीब बानादाग रेल यार्ड को लेकर होता रहा है। इस यार्ड से एनटीपीसी के देश भर के 24 में से 18 पावर प्लांट को कोयला भेजा जाता है। यहां के रेल यात्रियों के भीतर इस बात का मलाल है कि बड़े अधिकारी यहां आकर सिर्फ बानादाग रेल यार्ड का निरीक्षण करते हैं और वहां की सुविधाओं का जायजा लेकर वापस लौट जाते हैं। झारखंड के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक शहर हजारीबाग को रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में वह कोई पहल नहीं करते । छोटी-छोटी बातों के लिए यहां के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। बरकाकाना कोडरमा और हटिया सांकी पैसेंजर ट्रेन के विस्तार से लेकर, इंटरसिटी को सातों दिन चलाए जाने की निरंतर आवाज लोगो ने उठाई लेकिन उनकी आवाज अनसुनी कर दी गई।


