श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी वार्ड नंबर 16 में स्थित प्राचीन बाबा बालक नाथ डेरा में 24 दिसंबर से जलधारा तपस्या का शुभारंभ होगा। यह जलधारा तपस्या सुबह 5 बजे प्रतिदिन 1 फरवरी तक चलेगी। डेरे के महंत बाबा दिवाली नाथ ने बताया कि यह उनकी डेरे में पांचवीं तपस्या होगी। इससे पहले वे गर्मी के मौसम में 5 धूणी और 11 धूणी की तपस्या कर चुके हैं, वहीं सर्दी के मौसम में 108 मटकों के पानी से जलधारा तपस्या संपन्न कर चुके हैं। महंत बाबा दिवाली नाथ ने बताया कि यह डेरा वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है। इस प्राचीन डेरे में नौ नाथों की समाधियां स्थित हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि जलधारा तपस्या के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और साधना की जाएगी। तपस्या के समापन पर 1 फरवरी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि बाबा दिवाली नाथ वर्तमान में रायसिंहनगर क्षेत्र के गांव मुकलावा स्थित डेरा बाबा बारू नाथ के भी महंत हैं। धार्मिक जीवन में उनकी तपस्या और साधना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष सम्मान और आस्था है।


