बाबा साहेब को CM साय और राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि:25 अप्रैल तक भाजपा का विशेष अभियान, कांग्रेस बोली- ये राजनैतिक पाखंड

सोमवार को संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने राजभवन में और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम हाउस में अंबेडकर की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बीजेपी आज से ही अपने विशेष अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इसके तहत नेता दलित बस्तियों में जाकर अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने किया यह बताएंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा के अभियान को राजनैतिक पाखंड बता रही है। सीएम साय ने कहा कि, बाबा साहेब का पूरा जीवन संघर्ष की अनुपम मिसाल है। डॉ. अम्बेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब के विचारों को युगप्रेरक बताते हुए कहा कि, आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम उनके आदर्शों पर चलें और एक समावेशी, समतामूलक और न्यायप्रिय समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। बाबा साहेब का जीवन संघर्षों से भरा था- राज्यपाल राज्यपाल डेका ने कहा कि, बाबा साहेब का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छूआछूत, असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और खुद इसके उदाहरण बने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अनेक उपाधियां प्राप्त की और देश के पहले विधि मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर न्याय और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। उन्होंने समाज के शोषित, पीड़ित और कमजोर तबके के लोगों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब हम बाबा साहेब को याद कर रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल औपचारिकताएं न करें, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारें। समता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांत को हमें समाज के हर स्तर पर स्थापित करना होगा। कांग्रेस क्या बोली ? रविवार को रायपुर में सरकार ने जय भीम पदयात्रा निकाली थी। इस यात्रा और भाजपा के “अंबेडकर जयंती अभियान” को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि, यह पूरा कार्यक्रम भाजपा का राजनैतिक पाखंड है। असलियत यह है कि संघी भाजपाइयों के मन में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, संविधान और दलितों के प्रति हिकारत है, नफ़रत है। इन्हीं के पूर्वज आरएसएस और महासभा ने बाबा साहब के पुतले जलाए। 12 दिसंबर 1949 को घटित संघीयों का कुकृत्य इतिहास के पन्नों में दर्ज है। पूर्ववर्ती रमन सिंह की सरकार के समय अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण में कटौती की गई कांग्रेस की सरकार ने नया विधायक लाकर उन्हें अधिकार देने के लिए सर्वसम्मति से पास करके राजभवन भेजा, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की दुर्भावना के चलते वह आरक्षण विधायक आज तक राजभवन में कैद है। विष्णुदेव साय सरकार जयंती अभियान और जय भीम पदयात्रा का पाखंड करने के बजाय अनुसूचित जाति वर्ग को उनके हक का आरक्षण, उनके अधिकार और उचित सम्मान दे। छुट्टी का आदेश हुआ जारी 14 अप्रैल सोमवार को प्रदेश में सरकारी छुट्‌टी है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। ये छुट्‌टी बाबा साहेब अंबेडकर जयंती की वजह से लागू की गई है। रायपुर समेत प्रदेश के तमाम सरकारी दफ्तर बंध रखे जाएंगे। अंबेडकर जयंती क्यों मनाई जाती है अंबेडकर जयंती पहली बार 14 अप्रैल 1928 को पुणे में मनाई गई थी। इसकी पहल सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन सदाशिव रणपिसे ने की थी। तब से यह परंपरा हर साल चलती आ रही है और आज यह न केवल भारत में बल्कि विश्वभर के कई देशों में बसे भारतीय समुदाय मनाती है। यह दिन ‘भारतीय संविधान के जनक’ डॉ. भीम राव के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1891 में जन्मे अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री, न्यायविद, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भी थे। 14 अप्रैल 2025 को डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती है। भाजपा यह करने जा रही छत्तीसगढ़ में अंबेडकर जयंती एक राजनीतिक इवेंट भी बन चुका है। 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर की मूर्तियों पर भाजपा माल्यार्पण करेगी। 15 से 25 तक अनुसूचित बस्तियों में भाजपा के नेता जाएंगे और वास्तविकता और यथार्थता के आधार पर हर चौखट पर जाकर बताएंगे कि डॉ. बाबासाहब अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने क्यों किया और डॉ. अम्बेडकर का सम्मान भाजपा ने कैसे किया। प्रत्येक जनपद से 25 लोगों का चयन होगा जो 5 – 5 अनुसूचित समाज के प्रमुख लोगों से सम्पर्क करेंगे। यह अनुसूचित क्षेत्र के लोग भाजपा कार्यकर्ता नहीं होंगे, गैर भाजपाई लोगों के साथ मिलकर वार्ता करेंगे। बाबासाहब का अपमान और बाबासाहब का सम्मान चर्चाओं में अनुसूचित वर्ग के टीचर्स, प्रोफेसर्स, डॉक्टर, वकील, इन सभी के साथ कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो समाज का नेतृत्व करता होगा ऐसे लोगों को भी चयनित कर उनके दरवाजे तक भाजपा के लोग जाएंगे। सरकार ये कार्यक्रम करेगी राज्य के सभी जिलों, जनपदों और ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर 14 अप्रैल को कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा जाएगा। पंचायत राज दिवस (24 अप्रैल) में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी दी जाएगी। हर विकासखंड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत एंबेसडर की भूमिका को और प्रभावी बनाने हेतु कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जहां एंबेसडर नियुक्त नहीं हैं, वहां उपयुक्त प्रतिनिधि का चयन कर उन्हें नियुक्त किया जाएगा। मोर दुआर साय सरकार विशेष पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।

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