बारां में यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान:धरना-प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई नहीं, फैक्ट्री का दूषित पानी कालीसिंध से खेतों में पहुंच रहा

बारां जिले में यूरिया खाद की भारी कमी से किसान परेशान हैं। रबी सीजन के बीच खाद की अनुपलब्धता ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कई क्षेत्रों में किसान खाद वितरण केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े दिख रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल पा रहा। किसानों का कहना है कि गेंहू, चने, सरसों सहित रबी की फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है और यदि जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो फसल खराब होने का खतरा है। कांग्रेस जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि बारां में यूरिया और डीएपी की कमी पिछले कई हफ्तों से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन किए गए, मगर स्थिति जस की तस है। 26 सितंबर और 17 नवंबर को कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन खाद संकट अब और गहरा गया है। वादे के बाद भी नहीं मिल रहा यूरिया कृषि विभाग के रिकॉर्ड अनुसार सरकार ने 2800 MT (26 नवंबर) और 1400 MT (24 नवंबर) यूरिया का अतिरिक्त आवंटन जारी किया था। वहीं चंबल फर्टिलाइजर्स द्वारा 3000 MT यूरिया देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 1000 MT ही प्राप्त हुआ है। इसके चलते करीब 5000 MT की कमी अब भी बनी हुई है, जिससे किसान लगातार परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि चंबल फर्टिलाइजर्स की फैक्ट्री से प्रदूषण का नुकसान तो जिले को झेलना पड़ता है, लेकिन खाद सही समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जाती। फैक्ट्री का दूषित पानी कालीसिंध नदी में मिलकर खेती को नुकसान पहुंचाता है, फिर भी किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा। गौरतलब है कि इस संकट के समाधान के लिए अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर बकाया यूरिया की तत्काल आपूर्ति की मांग की है। भाया ने चेतावनी दी है कि अगर 1 दिसंबर तक आपूर्ति नहीं हुई, तो 3 दिसंबर से चंबल फैक्ट्री के बाहर धरना शुरू किया जाएगा, और 15 दिसंबर तक पूरा कोटा उपलब्ध नहीं हुआ तो कांग्रेस किसानों के हित में सड़क पर उतरेगी।

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