बारां जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 433 अपात्र किसान निशुल्क गेहूं लेते पाए गए हैं। यह खुलासा जनाधार और आधार डेटा को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पोर्टल पर गेहूं बेचने वाले किसानों के डेटा से मिलान के बाद हुआ। रसद विभाग ने इन किसानों के नाम हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि ये आर्थिक रूप से संपन्न किसान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उठा रहे थे। विभाग की जांच में सामने आया कि इन किसानों ने सरकार को 100 क्विंटल गेहूं बेचा है, जबकि खाने के लिए लगभग 10,000 क्विंटल गेहूं निशुल्क प्राप्त किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि ये किसान ‘गिवअप अभियान’ के तहत स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम नहीं हटवाते हैं, तो उनसे 27 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी। अब तक लिए गए कुल गेहूं की बाजार दर से यह वसूली होगी। नोटिस जारी कर 31 दिसंबर तक का देंगे मौका
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देश पर इन 433 किसानों को तहसीलदारों और डीलरों के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें 31 दिसंबर तक स्वेच्छा से नाम हटवाने का मौका दिया गया है।
यदि निर्धारित तिथि तक नाम नहीं हटवाया जाता है, तो 1 जनवरी 2026 से विभाग स्वतः ही इन किसानों को अपात्र घोषित कर देगा और उनसे वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


