बालाघाट में लामता परियोजना के तहत काम करने वाली महिला मजदूरों को पिछले तीन माह से मजदूरी नहीं मिली है। भुगतान की मांग को लेकर 18 से अधिक महिलाएं सोमवार को परियोजना कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें बिना भुगतान के लौटना पड़ा। महिला मजदूरों ने जताई नाराजगी महिला मजदूर शांतबाई दौने ने बताया कि उन्हें पोलीपट, रूटसूट, गोला बीटिंग और खाद डालने जैसे कार्यों का भुगतान नहीं मिला है। जिले के नेवरगांव की अधिकांश महिलाओं ने इन कार्यों में हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि अब तक भुगतान न मिलने से वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठ जाएंगी। एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया परियोजना अधिकारी डेविड चिनाप ने भुगतान में देरी का कारण फंड की अनुपलब्धता बताया। उन्होंने कहा कि कई महिला मजदूरों के खातों में त्रुटियां थीं। सोमवार को कार्यालय पहुंची महिलाओं की समस्याओं को सुना गया और खातों से संबंधित त्रुटियों को सुधारा गया। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि आगामी सोमवार तक सभी महिला मजदूरों की मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।


