बालाघाट के ढीमरटोला निवासी 40 वर्षीय बसंतीबाई की मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दोपहर में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। बसंतीबाई अपने पति के निधन के बाद घर में अकेली रहती थीं और चना-मुर्रा बेचकर अपना गुजारा करती थीं। अस्पताल में डॉक्टर को शुरुआती जांच में यह मामला जहर खाने का लगा, जिसकी पुष्टि बाद में खुद महिला ने भी की। अकेले रहकर करती थीं गुजर-बसर बसंतीबाई के जीजा बसंत ने बताया कि उनका ससुराल बटरमारा में था, लेकिन पति की मौत के बाद वह ढीमरटोला में अपने मायके के पास ही एक अलग घर में रह रही थीं। मंगलवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। परिजन को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उन्होंने जहर खाया है, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने खुद डॉक्टर को जहरीली दवा खाने की बात बताई थी। पुलिस ने शुरू की मामले की जांच महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम कराया और फिर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सौंप दिया। फिलहाल महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी असल वजह सामने नहीं आई है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच की जा रही है।


