बालोतरा और बाड़मेर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और रामकी औद्योगिक अपशिष्ट उपचार प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच की दिशा, कार्रवाई की स्थिति और बड़ी इंडस्ट्रियल इकाइयों पर हो रही ढिलाई को लेकर सवाल उठाए। जांच का मकसद रासायनिक अपशिष्ट से पानी, जमीन और लोगों की सेहत पर पड़ रहे असर की वास्तविक स्थिति सामने लाना है। CPCB टीम बालोतरा और बाड़मेर पहुंची केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जांच दल गंभीर पर्यावरणीय संकट के मद्देनजर बालोतरा और बाड़मेर पहुंचा। टीम ने क्रूड ऑयल दोहन क्षेत्रों और बालोतरा की इंडस्ट्रियल इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के कारण हो रहे प्रदूषण की जांच शुरू की और पानी के सैंपल लिए। रामकी प्लांट का विस्तृत निरीक्षण सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बालोतरा स्थित रामकी औद्योगिक अपशिष्ट उपचार प्लांट का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की तकनीकी स्थिति, उपचार क्षमता और संचालन व्यवस्था को देखा और अधिकारियों को जमीनी हालात से अवगत कराया। RPCB अधिकारी को लेकर सवाल निरीक्षण के दौरान सांसद ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक तंवर से सवाल किए। उन्होंने कहा कि छोटी इकाइयों पर तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन बड़ी और अवैध इंडस्ट्रियल इकाइयों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। जांच रिपोर्ट तथ्यात्मक बनाने की मांग सांसद बेनीवाल ने CPCB अधिकारियों से कहा कि जांच रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जमीनी सच्चाई पर आधारित होनी चाहिए, ताकि प्रदूषण की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जिम्मेदारी तय की जा सके। रासायनिक कचरे से जमीन और पानी प्रभावित सांसद ने बताया कि इंडस्ट्रियल कचरा आसपास की कृषि भूमि में फैल रहा है। बरसात के पानी के साथ यह कचरा खेतों और भूजल में मिलकर उन्हें दूषित कर रहा है, जिससे खेती और पीने के पानी पर असर पड़ रहा है। प्लांट में बुनियादी कमियां निरीक्षण में सामने आया कि रामकी प्लांट में समुचित जल भंडारण टैंक की व्यवस्था नहीं है और ग्रीन बेल्ट का विकास भी नहीं किया गया। सांसद ने इन कमियों को गंभीर बताया और इन्हें नियमों का उल्लंघन कहा। कंपनी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग सांसद बेनीवाल ने कहा कि प्लांट में कई अनियमितताएं और संचालन संबंधी कमियां हैं। इन मामलों में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उद्योग बंद नहीं, लेकिन पर्यावरण से समझौता नहीं सांसद ने स्पष्ट किया कि उद्योग बंद करना समाधान नहीं है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदूषण और आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटिंग में इन मुद्दों पर चर्चा CPCB और RPCB अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कृषि भूमि के बंजर होने, भूजल दूषित होने, लोगों की सेहत, पशुधन और जनजीवन पर पड़ रहे असर पर चर्चा की गई। साथ ही रामकी प्लांट की उपचार क्षमता बढ़ाने, नियमित और पारदर्शी मॉनिटरिंग तथा दोषी इंडस्ट्रियल इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर समीक्षा की गई।


