बालोद के तरबूज की डिमांड देश के 18 राज्यों में:तांदुला बांध किनारे 40 एकड़ से शुरू हुई तरबूज की खेती,अब 500 एकड़ तक फैली

बालोद जिले के तांदुला बांध के किनारे बसे 20 गांवों के किसान तरबूज की खेती कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में तांदुला बांध के किनारे महज 40 एकड़ में शुरू हुई तरबूज की खेती अब 500 से ज्यादा एकड़ तक फैल चुकी है। तरबूज की खेती ने किसानों के लिए रोजगार का नया अवसर खोल दिया है। किसानों से व्यापारी सीधे जुड़े रहे हैं। जिससे देश के अधिकांश राज्यों में तरबूज पहुंच रहा है। अभी गर्मी का सीजन चल रहा है। इस वजह से खपत ज्यादा होने से बालोद के 20 गांवों में उगाए जा रहे तरबूज की डिमांड देश के 18 राज्यों में है। देश के असम, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर नागालैंड, कोलकाता, मेघालय, गुजरात, महाराष्ट्र, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक सहित 18 राज्यों में सप्लाई की जा रही है। हर दिन 7 से 8 ट्रक निकलता है तरबूज तांदुला जलाशय किनारे प्रतिदिन 7 से 8 ट्रक तरबूज की सप्लाई हो रही है। कन्हैया ने बताया कि धोबनी, पल्लेकसा, खल्लारी, वनपण्डेल, बोरिद, घोटिया के अलावा बांध किनारे और आसपास के 20 गांव में तरबूज की खेती हो रही है। इन गांव के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। मई के शुरुआत तक तरबूत की मांग रहती है। पहले परंपरागत सब्जी ही लगाते थे किसान देश के कई राज्यों में तरबूज की सप्लाई करने वाले अनुकूल ढाली ने बताया कि तांदुला बांध के किनारे मिट्टी उपजाऊ है। यहां लोग परंपरागत सब्जी लगाते थे। हमनें 40 एकड़ में तरबूज की खेती कर नया प्रयोग किया। जो सफल रहा। धीरे-धीरे 40 एकड़ का फसल अब 500 एकड़ से भी अधिक हो गया है। सब्जी बेचने में कठिनाई होती थी – कन्हैया ग्राम धोबनी निवासी कन्हैया लाल बताते हैं कि डुबान क्षेत्र में वे 5 एकड़ में खेती करते आ रहे हैं। पहले वे सब्जी लगाते थे, जिसे बेचने के लिए मशक्कत करना पड़ता था। अब तरबूज की खेती कर रहे हैं। जिससे व्यापारी खेत तक खरीदी करने पहुंच रहे हैं। पीले तरबूज पक रहे, अप्रैल में होगा सप्लाई अनुकूल ढाली ने बताया कि इस वर्ष करीब 30 एकड़ में पीला तरबूज लगाया गया। जो अभी पक रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। पीला तरबूज हरा तरबूज से 3 गुना ज्यादा कीमत में बिकता है। जिले में पहली बार लगाया गया है। बालोद में खरबूजा का फसल भी सफल रहा अनुकूल ने बताया कि इस साल प्रयोग के रूप में 10 एकड़ में खरबूजा भी लगाए है। खरबूजा की मांग पूरे देश मे सबसे ज्यादा है और यह महंगा फल भी है। खरबूजा का फसल भी यहां सफल रहा है। आने वाले समय में यहां तरबूज के अलावा, पिला तरबूज और पिला खरबूजा की खेती भी वृहद स्तर पर होगा।

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