छत्तीसगढ़ के बालोद नगर पालिका परिषद में इस बार रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से साहू समाज की प्रत्याशी मैदान में हैं, यहां पिछले 10 सालों से कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। कांग्रेस की प्रत्याशी पद्मिनी साहू ने बीते 10 सालों को शहर के लिए स्वर्णिम काल बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने किए गए वादों को पूरा किया है और जो कुछ अधूरा है, उसे पूरा करने के लिए वे फिर से मैदान में हैं। पिछले 10 साल निराशाजनक – BJP वहीं, भाजपा की प्रत्याशी प्रतिभा चौधरी साहू ने पिछले 10 सालों को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस दौरान शहर में सड़कों की स्थिति खराब हुई और नालियां गंदगी से भर गईं। उन्होंने कहा कि अगर वे जीतती हैं तो जनता के अधिकारों के लिए काम करेंगी। चुनाव प्रचार में जुटी प्रत्याशी दोनों प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड पार्षदों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर रही हैं। कांग्रेस प्रत्याशी को पूर्व विधायक का समर्थन मिल रहा है, वहीं भाजपा प्रत्याशी के साथ महिलाओं की एक सक्रिय टीम प्रचार में जुटी है। अन्य समाजों की भूमिका महत्वपूर्ण दोनों राजनीतिक पार्टियों ने इस बार साहू समाज पर विश्वास जताया है। प्रतिभा साहू और पद्मिनी साहू दोनों समाज में कई पदों पर रही है। ऐसे में इस बार साहू वोटर नगर पालिका के लिए प्रमुख मतदाता नहीं हो सकते क्योंकि साहू समाज का वोट दो भागों में बट जाएगा। अन्य समाजों के वोट इस बार काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।


