बालोद में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची थी टीम:वन अमले पर ग्रामीणों का हमला, डिप्टी रेंजर समेत 5 घायल

बालोद जिले में पेवारी गांव के जंगल में लगभग 35 ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। इस गांव में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करने डिप्टी रेंजर अपनी टीम के साथ सरकारी गाड़ी में जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में ग्रामीणों ने हाथ, मुक्का, डंडे व अन्य चीजों से मारपीट शुरू कर दी।
इससे डौंडी के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी एसके चंद्राकर, वनरक्षक गोपीराम साहू, हिरामन सिंह रावटे, जयचंद हिडको, सुरक्षा श्रमिक कंवलूराम निषाद, हरण सिंह एवं ड्राइवर यश कुमार निषाद को गंभीर चोटें आईं। इस मामले में रेंजर जेएल भोंडेकर की रिपोर्ट पर डौंडी थाने में सोमनाथ, बेदूराम, अर्जुन सिंह, भोलाराम, तुलसी राम, तुलाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना के बाद गांव की लगभग 50 महिलाएं भी डौंडी थाने पहुंची, लेकिन कुछ देर बाद सभी लौट गईं। बता दें कि ग्रामीण और वन विभाग के बीच जमीन को लेकर पिछले डेढ़ साल से विवाद है। पेवारी और कटरेल गांव के 20 से ज्यादा लोग पिछले 15 साल से जमीन पर काबिज होकर खेती कर रहे हैं। वन विभाग का दावा है कि जल संरक्षण के तहत कई कार्य होने की जानकारी ग्रामीणों को देकर काबिज जमीन से हटने नोटिस दिया जा चुका है। ग्रामीणों की सहमति के बाद ही जल संरक्षण के लिए काम करवाने खुदाई कार्य चल रहा था। काम होने के बाद खेती किसानी करने जमीन नहीं मिलेगी, यह सोचकर ग्रामीण आक्रोशित हुए और वनकर्मियों पर हमला किया। ग्रामीण ने कहा-बरसों से खेती कर रहे
ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर बरसों से खेती किसानी कर रहे हैं, उसका उपयोग वर्तमान में वन विभाग टैंक व अन्य निर्माण, पौधरोपण के लिए कर रहा है। अधिकार चाहते हैं ग्रामीण: वन विभाग रेंजर जेएल भोन्डेकर ने बताया कि पेवारी गांव में 72 एकड़ जमीन का वन अधिकार पत्र दिया जा चुका है। बाकी बची वन विभाग की जमीन को भी ग्रामीण अपना बताकर अधिकार पाना चाह रहे हैं। मई माह में मीटिंग हुई थी। अतिक्रमण भी हटाए थे।

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