विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का भव्य आगमन इस बार बालोद में ऐतिहासिक रहा। मंगलवार से शुरू हुआ गणेशोत्सव बुधवार देर रात तक चलता रहा। पहली बार शहर में इतनी धूमधाम के साथ शोभायात्रा निकली और प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं ने बप्पा की स्थापना की। धुमाल और आतिशबाजी के बीच गणेश उत्सव समितियों ने झांकियां सजाईं। शुभ मुहूर्त में पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं। महाकाव्य लिखते नजर आए गणेश जी शिकारीपारा गणेश उत्सव समिति ने झांकी के जरिए हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं गंगा सागर तालाब किनारे विराजमान गणेश प्रतिमा में भगवान को महर्षि व्यास से महाकाव्य लिखते दिखाया गया। कहीं बप्पा शंकर भगवान की तरह तो कहीं श्रीकृष्ण रूप में नजर आए। 10 फीट से भी बड़ी प्रतिमाएं स्थापित शहर के नया बस स्टैंड, बुधवारी बाजार, सदर रोड, नयापारा, आमापारा, कुन्दरूपारा, शिकारीपारा, जवाहरपारा, पाण्डेयपारा, बूढ़ापारा, पाररास और पुराना बस स्टैंड सहित कई जगहों पर 10 फीट से भी बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गईं।


