छत्तीसगढ़ के बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग पर घायल अवस्था में मिले उल्लू पक्षी की देखभाल दो दिनों तक एक युवक ने अपने घर पर की। अब पक्षी के उपचार के लिए वन विभाग आगे आया है। रविवार शाम विभाग की टीम युवक के घर पहुंची और उल्लू को अपने संरक्षण में ले लिया। वन विभाग के अनुसार, रोशन नगर पाररास निवासी शहजाद अली शुक्रवार रात रायपुर से बालोद लौट रहे थे। इस दौरान सिकोसा पेट्रोल पंप के पास सड़क पर घायल अवस्था में उन्हें यह पक्षी दिखाई दिया। शहजाद ने तुरंत गाड़ी रोकी और उल्लू को उठाकर घर ले आए। घर पर उन्होंने उसकी देखभाल की। दो दिनों की प्राथमिक देखभाल के बाद रविवार को वन विभाग की टीम ने पक्षी को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए भेजा। अधिकारियों ने बताया कि उल्लू का पंख घायल है और उसके पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसका उपचार कराया जाएगा। संरक्षित प्रजाति है उल्लू, कुछ दिनों में हो जाएगा स्वस्थ बालोद वन विभाग के रेंजर रामनाथ टेकाम ने बताया कि घायल होने के कारण उल्लू उड़ नहीं पा रहा था। रविवार को उसे युवक के घर से सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया गया है। विभागीय टीम ने कहा कि अब चिकित्सकीय देखरेख में उसका इलाज कराया जाएगा। कुछ ही दिनों में उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना है। रेंजर टेकाम ने यह भी बताया कि उल्लू वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजातियों में शामिल है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी नागरिक को पक्षी को नुकसान पहुंचाने या बेचने का प्रयास नहीं करना चाहिए। घायल अवस्था में मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देना जरूरी है। डॉक्टर से इलाज के बाद पर्यावरण पार्क में रखा जाएगा वन विभाग की एसडीओ डिम्पी बैस ने बताया कि बड़ा पक्षी कई बार छोटे पक्षियों को अपना शिकार बना लेते हैं। इसी क्रम में यह उल्लू भी किसी झगड़े या शिकार के दौरान घायल हुआ होगा। उन्होंने कहा कि घायल उल्लू का वेटनरी डॉक्टर से इलाज कराया जाएगा। इलाज के बाद उसे बालोद स्थित पर्यावरण पार्क के टावर में रखा जाएगा। ताकि सुरक्षित माहौल में उसकी देखरेख हो सके। जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। तब उसे प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र छोड़ दिया जाएगा।


