बांसवाड़ा| बाहुबली कॉलोनी स्थित भगवान सुमतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजित मुनि आदित्य सागर ससंघ के सानिध्य शनिवार को पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। अभिषेक के बाद मुनि ने अपने प्रवचनों में कहा कि भगवान ऋषभदेव ने मानव समाज को अनेक प्रकार की कलाओं का ज्ञान दिया। पुरुषों को 72 कलाएं सिखाईं, जिनमें सबसे पहले बोलने की कला का महत्व बताया। महिलाओं को 64 कलाएं प्रदान कीं, जिनमें पढ़ने की कला को पहले स्थान पर रखा है। उन्होंने कहा कि शांति के लिए पुरुषार्थ करना पड़ता है। जो व्यक्ति जितना शांत होता है, उसका ज्ञान उतना ही बढ़ता है। विकाम्या श्री माताजी ने कहा कि जब तक व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति सच्ची भक्ति नहीं होती, तब तक मुक्ति का मार्ग प्रशस्त नहीं होता। समाज के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया कि रविवार को दोपहर 1 बजे बाहुबली कॉलोनी स्थित पंडाल में प्रस्तावित ह्रींकार तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव के पात्र चयन का कार्यक्रम होगा।


