ढोल-नगाड़े बजाकर लोगों को बता रहे… पुलिस और प्रशासन को भी पत्र लिखकर जानकारी शहर में हादसे की आशंका वाले कुछ चौराहे और सड़कें जिस तरह ब्लैक स्पॉट माने जाते हैं, ठीक वैसे ही पतंगबाजी के लिए भी 132 केवी क्षमता वाली एक्स्ट्रा हाइटेंशन लाइनें खतरनाक होती हैं। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने शहर की छह लोकेशन को पतंगबाजी के लिए ब्लैक स्पॉट घोषित कर एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। मांझा बिजली का सुचालक, शहर में छा सकता है अंधेरा- ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी सुनील तिवारी ने बताया कि सर्वे और विश्लेषण के बाद इन इलाकों को चिह्नित किया गया है। पतंग का धागा या मांझा बिजली का सुचालक होता है। यह दो तारों के बीच फंसकर फेस टू फेस फॉल्ट पैदा करता है। इससे मंडीदीप से लेकर कोलार और मुगालिया छाप से पत्रकार कॉलोनी तक बिजली गुल हो जाती है। यह ट्रिपिंग पांच मिनट से लेकर पांच घंटे तक रह सकती है। पतंग उड़ाने वाले को जान का खतरा भी होता है। जान के लिए खतरा कैसे
तिवारी के अनुसार, पतंग उड़ाने के दौरान यदि धागा हाइटेंशन लाइन में फंसता है, तो लाइन में दौड़ रहा 132 केवी का करंट व्यक्ति को झुलसाने के लिए पर्याप्त है। यह जानलेवा साबित हो सकता है। बचाने की कोशिश करने वालों को भी करंट लग सकता है। फरीदाबाद की घटना में एक युवक की मौत और चार अन्य के घायल होने का उदाहरण मौजूद है। ब्लैक स्पॉट लोकेशन ड्रम-ढोल से चेतावनी एमपी ट्रांसको ने ब्लैक स्पॉट पर ढोल-नगाड़े बजाकर और लाउडस्पीकर से अनाउंस कर लोगों को सतर्क कर रही है। पेट्रोलिंग के दौरान कई जगह तारों में फंसी पतंगें देखी गई हैं। मकर संक्रांति के मद्देनजर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भी विशेष एडवाइजरी जारी की है।


