छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली दरों और दोगुने बिजली बिलों के विरोध में युवा कांग्रेस ने धरसींवा विधानसभा में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इससे किसानों, मजदूरों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। धरसींवा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित कुमार वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता धरसींवा बिजली कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से बिजली बिल जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने ‘बिजली चोर गद्दी छोड़’, ‘महंगी बिजली बंद करो’ और ‘जनता का हक़ वापस दो’ जैसे नारे लगाए। उग्र आंदोलन की चेतावनी युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष अंकित कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी आवश्यकता पर जनता को राहत मिलनी चाहिए, न कि बोझ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों की मनमानी वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन और उग्र होगा। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश प्रभारी अमित सिंह पठानिया, सहप्रभारी डॉ. मोनिका मांडरे, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा और जिला रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष सजल चंद्राकर के निर्देश पर आयोजित प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का पहला चरण था। इसमें युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सेवा दल और एन.एस.यू.आई. सहित विभिन्न बूथ, ज़ोन, सेक्टर और मंडलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।


