नीमच जिले के मनासा तहसील के ग्राम मोकड़ी में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की मौत हो गई। रविवार को सिंचाई करते समय धन सिंह राजपूत नामक किसान टूटे और खतरनाक ढंग से झूलते बिजली तारों की चपेट में आ गए, जिससे उनकी जान चली गई। मृतक किसान धन सिंह राजपूत स्वयं दिव्यांग थे। उनकी पत्नी और बेटा भी दिव्यांग हैं, जिससे यह घटना और भी दुखद हो गई। किसान को बचाने पहुंचे दो अन्य लोग भी इस दौरान करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले चार महीनों से लगातार बिजली विभाग को क्षेत्र में फैले खतरनाक तारों की शिकायत कर रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि एक परिवार का मुखिया अपनी जान गंवा बैठा। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार सुबह नीमच में पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर नीमच-झालावाड़ रोड पर चक्का जाम कर दिया। घोटा पिपलिया स्थित बालाजी मंदिर के सामने सड़क पर शव रखकर किए गए इस प्रदर्शन से यातायात लगभग एक घंटे तक बाधित रहा। ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लाइनमैन व अन्य कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सूचना मिलते ही एसडीएम किरण आंजना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से चर्चा की। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को बिजली कंपनी और मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत कुल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही, परिवार के एक स्नातक सदस्य को बिजली विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी देने की बात कही। एसडीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए मोकड़ी सहित आस-पास के सभी गांवों में बिजली लाइनों की गहन जांच करवाई जाएगी। प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र श्याम सोनी और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष बोरवाल सहित बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर को चक्का जाम समाप्त कर दिया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा थानों का पुलिस बल तैनात रहा।


