बिजली सप्लाई की चोरी का मामला:बाड़मेर के 17 व जैसलमेर के 37 फीडर पर 6 घंटे बिजली चोरी, AEN सस्पेंड

बाड़मेर व जैसलमेर में डिस्कॉम अधिकारियों की मिलीभगत से कृषि फीडर पर किसानों को 6 घंटे की बजाय 10 से 12 घंटे अतिरिक्त बिजली सप्लाई कर दी। बाड़मेर सर्किल में ऐसे 17 तथा जैसलमेर में 34 फीडर मिले है। किसानों को कृषि फीडरों से होने वाली बिजली सप्लाई का प्रावधान 6 घंटे का है, लेकिन अधिकारी उन्हें अतिरिक्त बिजली सप्लाई दे रहे हैं। लंबे समय से जारी अनियमितताओं की जांच डिस्कॉम की एमएंडपी विंग ने की। जांच के दौरान पहले जीएसएस फीडर पर मॉडम लगाए गए। संदेह पर दिसंबर व जनवरी में कुछ फीडरों की इन मॉडम के जरिए अधिकारियों ने मॉनिटरिंग की तो अतिरिक्त सप्लाई का बड़ा खेल पकड़ा गया। किसानों के मीटरों में सप्लाई की जांच करते हुए मीटरों की एमआरआई करवाई गई। एमआरआई में खुलासा हुआ कि अतिरिक्त सप्लाई कर करोड़ों की बिजली चोरी कर कृषि उपभोक्ताओं को बेच रहे हैं। बाड़मेर सर्किल में सबसे अधिक गडरारोड के 10, चौहटन 3, मेहलू 2 व शिव में 2 फीडर पर अतिरिक्त सप्लाई की गई। जैसलमेर के मोहनगढ़ में 14, फतेहगढ़ 6, चांधन 5, पोकरण 4 व जैसलमेर ग्रामीण के 5 फीडरों में अतिरिक्त सप्लाई का खुलासा हुआ है। संदेह के आधार पर करीब 150 फीडरों की मॉनिटरिंग की गई। इस मामले में अब तक गडरारोड एईएन सुरेश जाटोलिया को ही सस्पेंड किया हैं। डिस्कॉम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ^बिजली सप्लाई की मॉनिटरिंग जारी है। कुछ स्थानों पर निर्धारित अवधि से 10 से 12 घंटे अधिक कृषि फीडरों पर बिजली आपूर्ति किए जाने की लापरवाही बरतने पर बाड़मेर व जैसलमेर के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा है। दिसंबर व जनवरी में मॉनिटरिंग शुरू की गई। दोनों जिलों में संदेह के आधार पर 150 फीडरों की जांच करवाई गई। इनमें 51 फीडर मिले हैं। जालोर व बालोतरा के डाटा आना शेष है। -कैलाश कुमार, एसई,डिस्कॉम । अवैध तरीके से बिजली सप्लाई के लिए अधिकारियों व ठेकेदारों ने मिलकर तीन तरीके अपनाए। फीडर की वीसीबी से बाइपास करते हुए सीधी सप्लाई दी, दो फीडरों से 6-6 घंटे सप्लाई की। पीएचईडी फीडर से कृषि उपभोक्ताओं को जोड़कर अतिरिक्त सप्लाई की। मॉडम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के बाद एईएन प्रोटेक्शन को फील्ड में भेजा। गडरारोड सब डिवीजन के देताणी जीएसएस से खुडाणी फीडर, खलीफे के बाबड़ी से न्यू केकेबी एजी फीडर, खलीफे के बाबड़ी से बादरणी फीडर, चाडियाली जीएसएस से घोनिया फीडर में वीसीबी को बाइपास कर डायरेक्ट सप्लाई दी गई। राणसिंह की ढाणी के लिए गडरारोड जीएसएस व मुनाबाव जीएसएस दोनों से अंकुड़िए डालकर डबल सिस्टम सप्लाई की गई। शिव के बालासर में पीएचईडी फीडर से जोड़ कृषि उपभोक्ताओं को सप्लाई दी।

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