शासकीय जेपी अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी एक्सचेंज (अदला-बदली) को लेकर अब तक चली आ रही ढीली व्यवस्था पर सख्ती कर दी गई है। अस्पताल में नई, प्रमाणित और जवाबदेही तय करने वाली व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब न तो मौखिक सहमति से ड्यूटी बदलेगी और न ही आखिरी वक्त पर किसी और को बैठा देने की छूट रहेगी। नई व्यवस्था के तहत ड्यूटी एक्सचेंज के लिए दोनों डॉक्टरों की लिखित सहमति और हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। रीजनल मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) और सिविल सर्जन की पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। इसके लिए अस्पताल में अलग से रजिस्टर तैयार किया गया है। इसमें पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा। इसके पीछे अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि अब तक ड्यूटी एक्सचेंज अक्सर पारिवारिक या सामाजिक कारणों से हो जाती थी। जिसकी ड्यूटी होती थी, उसकी जगह दूसरा डॉक्टर जिम्मेदारी निभाता था, जबकि उसके पास पहले से ही काम का दबाव रहता था। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा था। अब नियम साफ हैं… यदि कोई इमरजेंसी है तो फोन पर सूचना देनी होगी
यह फैसला व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए लिया है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई डॉक्टर किसी और डॉक्टर के साथ ड्यूटी एक्सचेंज करता है, तो मुझे या आरएमओ को सूचना देनी होगी। इसकी जानकारी ड्यूटी रजिस्टर में भी लिखना होगी । यदि कोई इमरजेंसी है तो फोन पर सूचित करना पड़ेगा। अगले दिन रजिस्टर मेंटेन करना होगा।
डॉ. संजय जैन, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल


